विधायक ने पकड़ लिया घोटाला, लेकिन शिक्षा विभाग की आंखों पर शायद पट्टी थी इसलिए दिखा नहीं होगा की घोटाला हो रहा हैं ?
सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के मोतिहारी जिले में शिक्षा विभाग में करोड़ों रुपये के घोटाले की शिकायत पर आखिरकार कार्रवाई शुरू हो गई है। पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) संजय कुमार को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव (ACS) एस. सिद्धार्थ के निर्देश पर की गई है।
निलंबन की सिफारिश डीडीसी एस.एस. पांडेय की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई थी। शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से संजय कुमार को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय क्षेत्रीय उपनिदेशक, शिक्षा कार्यालय (आरडीडीई), मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया है।
विधायक की शिकायत से खुला मामला : इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब बीजेपी विधायक पवन जायसवाल ने मोतिहारी में स्कूलों में बेंच-डेस्क की खरीद, मरम्मत कार्य और अन्य निर्माण योजनाओं में बड़े पैमाने पर घोटाले की शिकायत की। विधायक ने आरोप लगाया था कि करोड़ों रुपये के सरकारी फंड का दुरुपयोग हुआ है और फर्जी कंपनियों के माध्यम से राशि की निकासी की गई है।
जांच के दौरान यह सामने आया कि तत्कालीन डीईओ संजय कुमार के कार्यकाल में एक डेटा ऑपरेटर के परिजनों के नाम पर तीन फर्जी कंपनियां खोली गई थीं। इन कंपनियों को बिना किसी वास्तविक आपूर्ति के लाखों रुपये का अग्रिम भुगतान कर दिया गया।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि बेंच-डेस्क और स्कूलों के बूथ रिपेयरिंग कार्यों में भारी अनियमितता हुई थी। इन कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और भुगतान बिना सत्यापन के किया गया। विशेष सचिव सह निदेशक सुबोध कुमार ने निलंबन की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें कहा गया है कि संजय कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक है क्योंकि उनके कार्यकाल में सरकारी धन के दुरुपयोग के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं।
शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह घोटाला करोड़ों में हो सकता है और आने वाले दिनों में और कई नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं। विभाग की जांच टीम अब उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार कर रही है, जो इस घोटाले में किसी भी रूप में शामिल थे। इस पूरे मामले पर बीजेपी विधायक पवन जायसवाल ने सरकार की कार्रवाई की सराहना की है और कहा है कि “भ्रष्ट अधिकारियों पर इसी तरह कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि जनता का पैसा लुटने से बच सके।”