सिटी पोस्ट लाइव
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भाजपा सांसद और लोकप्रिय गायक मनोज तिवारी के मुंबई स्थित फ्लैट में हुई शातिर चोरी का अंबोली पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस चोरी को किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि सांसद के एक पूर्व भरोसेमंद कर्मचारी ने अंजाम दिया था। आरोपी ने डुप्लीकेट चाबियों के जरिए दो बार में लाखों रुपये की नकदी पार कर दी।
बिना ताला तोड़े गायब हो रहे थे पैसे
मामला मुंबई के अंधेरी वेस्ट (शास्त्री नगर) स्थित सुंदरबन अपार्टमेंट का है। मनोज तिवारी के मैनेजर प्रमोद जोगेंद्र पांडे, जो पिछले 20 वर्षों से उनके साथ हैं, ने पुलिस को बताया कि फ्लैट से बिना किसी तोड़फोड़ के नकदी गायब हो रही थी। पहली घटना जून 2025 में हुई थी, जब अलमारी से 4.40 लाख रुपये चोरी हो गए थे। ताला सुरक्षित होने के कारण उस वक्त चोर का सुराग नहीं मिल सका था।
मैनेजर का ‘मास्टरस्ट्रोक’ और गुप्त CCTV
लगातार नकदी गायब होने से परेशान होकर मैनेजर ने दिसंबर 2025 में फ्लैट के भीतर गुप्त रूप से CCTV कैमरे लगवा दिए। 15 जनवरी 2026 की रात एक बार फिर अलमारी से 1 लाख रुपये गायब हुए। जब फुटेज चेक की गई, तो सच सामने आ गया। फुटेज में एक व्यक्ति बड़े आराम से अपनी चाबी से दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुआ, सीधे बेडरूम की अलमारी से पैसे निकाले और चंपत हो गया।
दो साल पहले काम से निकाला गया था आरोपी
पुलिस ने जब फुटेज की जांच की, तो आरोपी की पहचान सुरेंद्र कुमार दीनानाथ शर्मा के रूप में हुई। सुरेंद्र मनोज तिवारी का पूर्व कर्मचारी था, जिसे करीब दो साल पहले नौकरी से हटा दिया गया था। आरोपी ने काम छोड़ने से पहले ही फ्लैट, बेडरूम और अलमारी की डुप्लीकेट चाबियां बनवा ली थीं। उसे पता था कि सांसद के घर में पैसा कहाँ रखा जाता है और कब कौन मौजूद रहता है।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
अंबोली पुलिस ने फुटेज के आधार पर सुरेंद्र शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस अब उससे चोरी की गई कुल 5.40 लाख रुपये की बरामदगी की कोशिश कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला सुरक्षा में बड़ी चूक और विश्वासघात का है। आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में है और मामले की विस्तृत तफ्तीश जारी है।