देश की राजधानी दिल्ली सोमवार शाम दहल उठी, जब लाल किले के पास एक कार में जोरदार धमाका हुआ। इस धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए हैं। शुरुआती जांच में यह मामला आतंकी हमले का लग रहा है। सूत्रों के मुताबिक, विस्फोटक से भरी कार पुलवामा के डॉक्टर उमर मोहम्मद चला रहा था, जो फरीदाबाद में बारूद का जखीरा पकड़े जाने के बाद से फरार चल रहा है। एनआईए, आईबी और दिल्ली पुलिस की टीमें अब इस धमाके की कड़ियां जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद तक जोड़ने में जुटी हैं।
देश की राजधानी दिल्ली सोमवार शाम दहल उठी जब लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक कार में जोरदार धमाका हुआ। शाम 6:51 बजे हुए इस विस्फोट में 9 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। धमाके की तीव्रता इतनी थी कि 200 से 300 मीटर तक के इलाके में झटके महसूस किए गए। सूत्रों के मुताबिक, धमाके में इस्तेमाल I-20 कार में पुलवामा का डॉक्टर उमर मोहम्मद सवार था, जो फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा बताया जा रहा है। वही डॉक्टर उमर, जो कुछ दिन पहले फरीदाबाद में 2900 किलो विस्फोटक और हथियार बरामदगी के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस को शक है कि कार में सवार मृत व्यक्ति वही हो सकता है। अब उसकी डीएनए जांच कराई जाएगी ताकि पहचान की पुष्टि हो सके। जांच में सामने आया है कि हरियाणा नंबर HR 26 की यह कार दोपहर 3:19 बजे सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में खड़ी की गई थी और भीड़भाड़ बढ़ने पर 6:48 बजे बाहर निकली। पार्किंग से निकलते वक्त कार सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। रेड लाइट पर कुछ सेकंड रुकने के बाद अचानक इसमें जबरदस्त विस्फोट हुआ। धमाके के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को एलएनजेपी और हिंदू राव अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल एनआईए, आईबी, दिल्ली पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस इस हमले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। शुरुआती जांच में इसे आतंकी हमला माना जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि धमाके में इस्तेमाल हुई हरियाणा नंबर की हुंडई i20 कार कई हाथों से होकर गुजरी थी। वाहन के दस्तावेजों के अनुसार, कार के लेन-देन में देवेंद्र, उमर और तारिक के नाम सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस ने कार के मूल मालिक मोहम्मद सलमान को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। सलमान ने बताया कि उसने करीब डेढ़ साल पहले ओखला में यह कार देवेंद्र नाम के व्यक्ति को बेची थी, जिसने बाद में इसे अंबाला के जरिए पुलवामा के तारिक को बेच दिया। सूत्रों का कहना है कि तारिक ने यह कार डॉक्टर उमर मोहम्मद को दी थी, जो फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा बताया जा रहा है। आशंका है कि साथियों के पकड़े जाने के बाद उमर घबरा गया और भागने की कोशिश में कार लेकर दिल्ली पहुंचा। अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या धमाके में मारा गया व्यक्ति वही उमर मोहम्मद था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में यूएपीए (Unlawful Activities Prevention Act) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। इसके अलावा हत्या और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं भी लगाई गई हैं। फिलहाल एनआईए, आईबी और दिल्ली पुलिस की विशेष टीमें मिलकर जांच कर रही हैं कि धमाके के पीछे किस आतंकी संगठन का हाथ है और क्या यह बड़ा फिदायीन हमला था।