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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मंगलवार देर रात पटना पहुंचे, जहां उन्होंने आज आईआईटी पटना के दीक्षांत समारोह में भाग लिया। पटना हवाई अड्डे पर पार्टी के बड़े नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने बिहार के विकास, शिक्षा और वर्तमान राजनीतिक मुद्दों पर कई महत्वपूर्ण बयान दिए।
शिक्षा विकास का मूल स्तंभ: धर्मेंद्र प्रधान
आईआईटी पटना के वार्षिक समारोह में भाग लेने के बाद मीडिया से बात करते हुए, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बिहार आना उन्हें हमेशा घर जैसा महसूस होता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि दोनों के नेतृत्व में देश और राज्य तेजी से विकास की राह पर हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जब भारत 2047 में अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मनाएगा, तब बिहार देश का नेतृत्व करने में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने शिक्षा को विकास का मूल स्तंभ बताया। उन्होंने कहा, “चाहे आईआईटी हो, एनआईटी हो या विश्वविद्यालय, शिक्षा के क्षेत्र में बिहार की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। बिहार के युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, और भविष्य में यह योगदान और भी बढ़ेगा।”
अमित शाह के बिल पर विपक्ष को दिया करारा जवाब
धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लाए गए विधेयक पर विपक्ष के हमलों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “जिनके मन में खोट है, वही इस पर सवाल उठा रहे हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि आजाद भारत में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विधेयक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजा जाएगा, जहां सभी को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। प्रधान ने हाल की कुछ घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए इस कानून की आवश्यकता थी।
यह दीक्षांत समारोह बिहार के शिक्षा परिदृश्य के लिए एक महत्वपूर्ण घटना थी, जहां देश के शीर्ष शिक्षा मंत्री की मौजूदगी ने छात्रों और शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया। केंद्रीय मंत्री के दौरे ने एक बार फिर बिहार में विकास और शिक्षा के मुद्दों को सुर्खियों में ला दिया है।