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केसठ। प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मार्च महीने में गर्मी बढ़ने और उमस बढ़ने के कारण उल्टी-दस्त समेत कई मौसमी बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। खासतौर पर बच्चे इस मौसम में ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं। अस्पताल में हर दिन 20 से 25 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से अधिकतर को वायरल संक्रमण और डायरिया की समस्या हो रही है।
बदलता मौसम बना स्वास्थ्य समस्याओं का कारण
पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार के अनुसार, इन दिनों मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है। इस कारण अस्पतालों और स्थानीय चिकित्सालयों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सबसे ज्यादा सर्दी-जुकाम, खांसी और डायरिया के मरीज आ रहे हैं।
गर्भवती महिलाएं और बच्चे अधिक प्रभावित
डॉ. विनय ने बताया कि बदलता मौसम गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए अधिक खतरनाक साबित हो रहा है। गर्मी और उमस के कारण वे तेजी से बीमार हो रहे हैं। साथ ही, ठंडी चीजों के सेवन से सर्दी-जुकाम का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने सलाह दी कि इस मौसम में कोल्ड ड्रिंक्स और अत्यधिक ठंडी वस्तुओं के सेवन से बचना चाहिए।
स्वस्थ रहने के लिए खान-पान में बरतें सावधानी
डॉ. विनय ने कहा कि इस मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। घर का बना ताजा भोजन करना ही सुरक्षित रहेगा। स्ट्रीट फूड से परहेज करें और दही, छाछ व दूध से बनी चीजों का सेवन करें। संतुलित आहार, फल और हरी सब्जियां खाने से बीमारियों से बचा जा सकता है। संक्रमण से बचाव ही स्वस्थ रहने का सबसे अच्छा तरीका है।