नीतीश के वोटबैंक में सेंधमारी की कोशिश में जुटे हैं तेजस्वी यादव, PK भी करेगें खेला.

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर नेताओं का दल बदल शुरू हो चूका है.बीजेपी- जेडीयू के नेता आरजेडी के विधायकों के संपर्क में होने का दावा करते रहे हैं.लेकिन तेजस्वी यादव ने इस बीच अपना खेल शुरू कर दिया है.नेता अपने हिसाब से पाला बदलना शुरू कर चुके .JDU के पूर्व उपाध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को तेजस्वी यादव ने RJD में शामिल करा लिया है.मंडल के सहारे तेजस्वी EBC (अति पिछड़ा वर्ग) के वोट बैंक में सेंधमारी करने की कोशिश कर रहे हैं. इससे पहले लोकसभा चुनाव में उन्होंने मुकेश सहनी को गठबंधन में शामिल कराया था.बिहार की सत्ता के लिए EBC को साधना बेहद जरुरी है. बीते 20 सालों से नीतीश कुमार का ये कोर वोट बैंक रहा है.

मंगनी लाल मंडल अति पिछड़ा वर्ग के धानुक जाति से आते हैं. उनका प्रभाव उत्तर बिहार के मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर में माना जाता है.वह झंझारपुर से विधायक और सांसद रह चुके हैं. इसी इलाके के फुलपरास में इस बार RJD कर्पूरी जयंती मना रही है. ठाकुर का प्रभाव अब भी EBC में है. जयंती समारोह के बहाने समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर में पार्टी अपने को मजबूत करना चाहती है.2020 विधानसभा चुनाव में समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी और मुजफ्फरपुर में महागठबंधन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. 41 सीटों में से महागठबंधन 13 सीटों पर सिमट गया था.राजद ने 11, मुजफ्फरपुर में कांग्रेस ने एक और समस्तीपुर में CPIM ने एक सीट पर जीत दर्ज की थी.

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RJD ने लोकसभा चुनाव के दौरान मल्लाह जाति से आने वाले मुकेश सहनी को अपने साथ जोड़ा था. इनका अपनी जाति में अच्छा प्रभाव है.2020 विधानसभा चुनाव के दौरान सहनी NDA के साथ थे. इनके 4 विधायक जीते थे. इस बार उन्होंने महागठबंधन में चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. इनकी जाति की संख्या 2.60% है. इसका उत्तर बिहार की सीटों पर असर है.

नीतीश कुमार  कोइरी, कुर्मी और महादलित समुदाय के सबसे बड़े नेता हैं. अपने करीब 16% EBC वोट बैंक के बल पर नीतीश कुमार सत्ता के केंद्र में बने हुए हैं.सोशल इंजीनियरिंग और धर्म के नाम पर बीजेपी ने अपने पक्ष में थोड़ी बहुत सेंधमारी की है. नीतीश कुमार भाजपा के लिए मजबूरी हैं. अति पिछड़ों को 20 फीसदी आरक्षण नीतीश कुमार ने बिहार में पंचायत व निकाय चुनाव में दिया. बड़ी संख्या में निचले स्तर पर जनप्रतिनिधि जीत कर आए. ये जनप्रतिनिधि विधानसभा चुनाव में बड़ी भूमिका निभाते हैं.नीतीश कुमार ने ही तेली, हलवाई जातियों को अति पिछड़ा में शामिल किया. इससे उनका वोट बैंक बढ़ा. विकास में उनकी भागीदारी बढ़ी. कर्पूरी ठाकुर को केंद्र सरकार ने भारत रत्न देकर एक तबके को खुश करने का प्रयास किया है.

बीजेपी ने भीम सिंह, शंभू शरण और धर्मशीला गुप्ता को राज्यसभा भेजकर मैसेज दिया कि हम बराबर प्रतिनिधित्व दे रहे हैं. बीजेपी ने रेणु देवी, गंगा प्रसाद चौरसिया, प्रेम कुमार, राजेन्द्र गुप्ता, अर्जुन सहनी, संजीव चौरसिया जैसे अति पिछड़े नेताओं को आगे बढ़ाया.2020 विधानसभा चुनाव के टिकट बंटवारे से साफ़ है  कि सभी पार्टियों ने EBC का खास ध्यान रखा है. RJD ने 24 तो JDU ने 26 प्रत्याशी दिए थे.RJD ने 144 में से 24 EBC कैंडिडेट्स दिया था. इसमें 7 नोनिया जाति के थे. JDU ने 26 EBC में7 धानुक जाति के थे.

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