सिटी पोस्ट लाइव : बिहार के उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा की घेराबंदी में विपक्ष जुट गया है.विजय सिन्हा के लखीसराय सीट से चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर लखीसराय के बड़हिया की बेटी विनीता विजय उतारने की तैयारी कर रहे हैं. विजय सिन्हा के खिलाफ जनसुराज को सबसे बड़ी जीत दिलाने के इस लक्ष्य को साधने के लिए पीके कई मोर्चों पर काम कर रहे हैं.
मुजफ्फरपुर जिले के एक बड़े राजनीतिक घराने की पुत्रवधू और अनुभवी नेत्री विनीता विजय पूर्व रक्षा राज्य मंत्री स्व. ललित विजय सिंह की पुत्री हैं. उनका जन्म बड़हिया में हुआ और यही वजह है कि वह खुद को “बड़हिया की बेटी” कहकर संबोधित करती हैं.हाल के दिनों में लखीसराय में बुद्धिजीवियों की बैठक के दौरान प्रशांत किशोर के साथ मंच साझा करते हुए विनीता विजय ने खुले तौर पर कहा था— “मैं बड़हिया की बेटी हूं.” बार-बार उनका लखीसराय दौरा और यह बयान साफ इशारा करता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह जन सुराज की लखीसराय उम्मीदवार हो सकती हैं. बड़हिया स्थित जगदम्बा मंदिर में पूजा-अर्चना करने और विनीता विजय की हाल की सक्रियता ने इस बात को और पुख्ता किया है कि उन्हें लखीसराय विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया जा सकता है.
विनीता विजय को राजनीति और चुनावी मैदान का लंबा अनुभव है. 2005 विधानसभा चुनाव: उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में मुजफ्फरपुर नगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में उन्हें 34,572 वोट मिले, जबकि विजेता उम्मीदवार को 59,410 वोट मिले. विनीता विजय को लगभग 24,800 वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा. 2009 लोकसभा चुनाव में उन्होंने मुजफ्फरपुर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में उन्हें 1,08,306 वोट मिले, जबकि विजेता जेडीयू उम्मीदवार कैप्टन जय नारायण निषाद को 1,95,091 वोट मिले. विनीता विजय को करीब 86,800 वोटों के अंतर से हार झेलनी पड़ी.
विनीता विजय ने अपनी राजनीति की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी और वह बिहार प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. बाद में उन्होंने भाजपा और एलजेपी का दामन थामा. 2024 लोकसभा चुनाव में उन्होंने चिराग पासवान की मौजूदगी में एलजेपी (रामविलास) की सदस्यता ली थी, लेकिन टिकट से वंचित रह गईं.अब जन-सुराज में हैं.प्रशांत किशोर की ज्यादातर सभाओं में वो नजर आती हैं.
243 उम्मीदवारों में से 40 महिलाएं जन-सुराज की उम्मीदवार होंगी. इस लिहाज से विनीता विजय का लखीसराय से चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है. इसका एक बड़ा कारण उनका बड़हिया का होना है. इससे स्थानीय बनाम बाहरी की लड़ाई में विजय सिन्हा के खिलाफ विनीता विजय माहौल बना सकती हैं. साथ ही दो दशकों का लंबा राजनीतिक अनुभव भी उन्हें सशक्त दावेदार के रूप में पेश कर रहा है.महिला होने के नाते पीके के महिलाओं पर बड़ा दांव खेलने में वह अहम चेहरा साबित हो सकती है. साथ ही विजय सिन्हा की तरह ही विनीता विजय भी भूमिहार जाति से हैं.
सूरजभान सिंह ने अगर वीणा देवी को मैदान में उतार दिया तो वाकई विजय सिन्हा की मुश्किल बढ़ जायेगी.वीणा देवी पूर्व सांसद हैं.बहुत तेज तरार नेत्री हैं.अगर वो चुनाव मैदान में उतरती हैं तो सबके ऊपर भारी पड़ सकती हैं.लेकिन ये तभी होगा जब तेजस्वी यादव इसके लिए तैयार होगें.अभीतक सूरजभान की पार्टी एलजेपी (पारस) को कितनी सीटें मिलेगीं ये तय नहीं है.लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि तेजस्वी यादव सूरजभान सिंह का इस्तेमाल चुनाव में करके एक तीर से दो निशाना साध सकते हैं.अपने धुर विरोधी विजय सिन्हा को निबटा सकते हैं और भूमिहार वोट bank में सेंधमारी कर सकते हैं.