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देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन रविवार को अपने पहले बिहार दौरे पर पहुंचे। पटना में एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के समापन सत्र को संबोधित करने के बाद, उपराष्ट्रपति सीधे मुजफ्फरपुर के कटरा पहुंचे और वहां स्थित प्राचीन मां चामुंडा स्थान मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उपराष्ट्रपति बनने के बाद उनकी यह पहली बिहार यात्रा थी, जिसमें उन्होंने आधिकारिक कार्यक्रम के साथ-साथ धार्मिक महत्व के स्थल को भी समय दिया।
पटना से कटरा तक का सफर
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सबसे पहले पटना पहुंचे, जहां उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के तीसरे संस्करण के समापन समारोह को संबोधित किया। पटना में कार्यक्रम समाप्त करने के बाद, उनका काफिला हेलीकॉप्टर से सीधे मुजफ्फरपुर जिले के कटरा के लिए रवाना हुआ।
वह दोपहर लगभग 1:30 बजे NH-527 C के बगल में बने हेलीपैड पर उतरे। हेलीपैड से उनका काफिला भदई चौक होते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 1:35 बजे मां चामुंडा स्थान मंदिर परिसर पहुंचा। मंदिर में प्रवेश करते ही उन्होंने सर्वप्रथम देवी का दर्शन किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
इस दौरान उनके साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, सांसद सह केंद्रीय मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी, सांसद वीणा देवी, प्रो. शंभू सिंह और डॉ. क्रांति प्रकाश सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
2010 में भी आ चुके हैं कटरा
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का मां चामुंडा स्थान से पुराना जुड़ाव रहा है। भाजपा कटरा मंडल के अध्यक्ष राजीव कुमार ने जानकारी दी कि वह इससे पहले भी 2010 में अखिल भारतीय भाजपा कोर कमेटी के सदस्य के रूप में यहां आ चुके थे। उस समय वह पटना में एक रैली में भाग लेने के बाद यहां पहुंचे थे और तब भी उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। शीर्ष संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद यह उनकी दूसरी यात्रा थी।
स्वास्थ्य विभाग की विशेष तैयारी
उपराष्ट्रपति के कटरा आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां की थीं। सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के बाद, विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक विशेष टीम को रोस्टर ड्यूटी पर लगाया गया था।
कटरा पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें त्वरित चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा सके। कटरा के साथ-साथ गायघाट, बोचहां, एसकेएमसीएच (श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) और सदर अस्पताल में भी अतिरिक्त चिकित्सा तैयारियां सुनिश्चित की गई थीं।
उपराष्ट्रपति का यह दौरा बिहार में साहित्य, संस्कृति और आस्था के केंद्रों के प्रति उनके व्यक्तिगत रुचि और सम्मान को दर्शाता है, जिसने स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार किया है।