विजय सिन्हा की चुनावी गाथा: 80 वोटों की हार से 59,620 वोटों की रिकॉर्ड जीत तक; लखीसराय में नामांकन संपन्न

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार को संपन्न हो गई, जिसके साथ ही लखीसराय और सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। लखीसराय से कुल 17 और सूर्यगढ़ा से 10 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल किया है।

इस बीच, लखीसराय विधानसभा क्षेत्र का चुनावी इतिहास एक उम्मीदवार की असाधारण जीत और हार के लिए याद किया जाता है—विजय सिन्हा। लखीसराय विधानसभा क्षेत्र, जो 1977 में अस्तित्व में आया, लगभग 48 वर्षों के अपने चुनावी इतिहास में दो अत्यंत विपरीत परिणाम दर्ज करता है, जिनका केंद्र विजय कुमार सिन्हा ही हैं।

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80 वोटों की हार जिसने रचा इतिहास

लखीसराय के चुनावी इतिहास में सबसे कम मतों के अंतर से हार-जीत 2005 के दूसरे विधानसभा चुनाव में दर्ज की गई थी। ज्ञात हो कि 2005 में बिहार में दो बार विधानसभा चुनाव हुए थे। फरवरी 2005 के पहले चुनाव में, भाजपा के विजय कुमार सिन्हा ने राजद के फुलेना सिंह को 1448 वोटों के अंतर से हराया था, लेकिन उस समय विधानसभा का गठन नहीं हो सका।

इसके बाद, अक्टूबर 2005 में हुए दूसरे चुनाव में, राजद के फुलेना सिंह ने भाजपा के विजय कुमार सिन्हा को महज़ 80 वोटों के अंतर से पराजित किया था। यह हार लखीसराय के चुनावी इतिहास में सबसे कम अंतर की हार बनी। इस चुनाव के बाद ही बिहार में पहली बार एनडीए को स्पष्ट जनादेश मिला था और नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता संभाली थी।

59,620 वोटों की रिकॉर्ड जीत

जहां एक ओर 2005 में विजय सिन्हा को 80 वोटों से मामूली हार मिली थी, वहीं दूसरी ओर लखीसराय के राजनीतिक इतिहास की सबसे बड़ी चुनावी जीत का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम दर्ज है।2010 के विधानसभा चुनाव में, विजय कुमार सिन्हा ने राजद के फुलेना सिंह को 59,620 वोटों के विशाल अंतर से हराया था, जो आज भी इस क्षेत्र की चुनावी इतिहास की सबसे बड़ी जीत है।

इन दो चुनावों के बाद से विजय कुमार सिन्हा लखीसराय विधानसभा क्षेत्र से लगातार अजेय बने हुए हैं। इस प्रकार, यह कहा जा सकता है कि महज़ 80 वोटों के अंतर से हार भी विजय सिन्हा की हुई और 59,620 वोटों के बड़े अंतर से जीत भी उन्हीं की हुई। वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी फुलेना सिंह की भी 80 वोटों से जीत हुई और 59,620 वोटों से बड़ी हार भी हुई।

ये दोनों हार-जीत के आंकड़े लखीसराय विधानसभा क्षेत्र के चुनावी इतिहास के ऐसे रिकॉर्ड बन गए हैं, जिनका टूटना आने वाले समय में एक बड़ी चुनौती होगी।

नामांकन प्रक्रिया का समापन

विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी हो गई। नामांकन के अंतिम दिन लखीसराय विधानसभा क्षेत्र से 13 और सूर्यगढ़ा विधानसभा सीट से 7 प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया।

अंतिम दिन, लखीसराय विधानसभा क्षेत्र से एकमात्र महिला प्रत्याशी के रूप में कालेश्वरी देवी ने लोहिया जनता दल की उम्मीदवार के रूप में नामांकन कराया। अंतिम आंकड़ों के अनुसार, लखीसराय विस क्षेत्र से प्रत्याशियों की कुल संख्या 17 और सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्र से कुल 10 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरने को तैयार हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान दोनों विधानसभा क्षेत्र के प्रेक्षक भी करीब दो घंटे तक नामांकन कक्ष में मौजूद रहे। अब उम्मीदवारों की अंतिम संख्या स्क्रूटनी और नाम वापसी के बाद स्पष्ट होगी।

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