पटना के सियासी गलियारे में हलचल बढ़ती जा रही है। बुधवार को पटना के शेखपुरा हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी जनसुराज के उम्मीदवारों को तोड़ने में लगी हुई है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की राजनीति में इस समय एक अप्रत्याशित घटना घटित हो रही है, जिसमें उम्मीदवारों पर दबाव डाला जा रहा है और सियासी समझौते करवाए जा रहे हैं।
उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में बीजेपी ने अपनी छवि बनाई है कि “जो भी जीतेगा, वही सरकार बनाएगा”, लेकिन अब पार्टी को जनसुराज के उम्मीदवारों से डर लगने लगा है। साथ ही कहा कि पिछले चार दिनों में तीन घोषित उम्मीदवार जो नामांकन के लिए गए, उन्हें रोक दिया गया और जनसुराज के प्रत्याशियों को नामांकन प्रक्रिया पूरी करने नहीं दी गई। पहले फेज के अंतिम दिन दानापुर से जनसुराज के प्रत्याशी अखिलेश सिंह अचानक गायब हो गए, जिसके बाद पार्टी ने उनके अपहरण का आरोप लगाया। इस घटना के कुछ ही दिनों बाद गोपालगंज और बक्सर के ब्रह्मपुर के उम्मीदवारों ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे राजनीतिक हलचल और विवाद बढ़ गया है।
बता दें, प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने इस बार राज्य की कुल 243 विधानसभा सीटों में से लगभग 240 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। अब तक पार्टी ने 116 से अधिक सीटों के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। हालांकि, तीन ऐसी सीटें हैं, जहां जनसुराज के कोई प्रत्याशी चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे। इसमें दानापुर, गोपालगंज और बक्सर के ब्रह्मपुर शामिल है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, यह फैसला स्थानीय परिस्थितियों और उम्मीदवारों की अनुपस्थिति के कारण लिया गया है।