प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक रिपोर्ट ने बिहार की अफसरशाही में सनसनी फैला दी है। रिपोर्ट में हाई-प्रोफाइल ठेकेदार रिशु श्री पर दो आईएएस अधिकारियों और उनके परिवारों को कथित तौर पर यूरोप और ऑस्ट्रेलिया की विदेश यात्राएं कराने के आरोप लगाए गए हैं। मामला सामने आते ही विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने जांच की दिशा तेज कर दी है, जिससे प्रशासनिक हलकों में गंभीर हलचल मची हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, ठेकेदार पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी टेंडर हासिल कराने के बदले 2017 बैच के IAS योगेश कुमार सागर और 2014 बैच की IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा तथा उनके परिवारों की यूरोप और ऑस्ट्रेलिया यात्राओं का पूरा खर्च वहन किया। इसमें हवाई यात्रा से लेकर ठहरने तक के सभी खर्च शामिल बताए जा रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने इस संबंध में मिले दस्तावेज़ और प्रारंभिक सबूत विशेष निगरानी इकाई (SVU) को सौंप दिए हैं, जिसके बाद SVU ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। वहीं, जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि IAS अभिलाषा शर्मा के आवास की छत पर किए गए बागवानी कार्य पर खर्च हुए करीब 9 लाख रुपये का भुगतान भी कथित रूप से रिशु श्री द्वारा ही किया गया था। विशेष निगरानी इकाई के एडीजी पंकज दराद ने ED की चिट्ठी मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला वर्तमान में अपर मुख्य सचिव (निगरानी) के पास विचाराधीन है। उनके अनुमोदन के बाद दोनों आईएएस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

ठेकेदार रिशु श्री पहले से ही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत जांच का सामना कर रहे हैं। 25 नवंबर को ईडी ने अहमदाबाद, सूरत, गुरुग्राम और दिल्ली सहित देशभर में उनके नौ ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में एजेंसी को 33 लाख रुपये नकद, कई अहम दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद हुए थे। दरअसल, जांच में संकेत मिले हैं कि सरकारी ठेके हासिल करने के लिए रिशु श्री ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कथित रूप से मोटी कमीशन दी थी। अब नई रिपोर्ट सामने आने के बाद ईडी और एसवीयू दोनों एजेंसियां इस पूरे मामले को एक बड़े नेटवर्क के रूप में जोड़कर देख रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई की आंच पहुंच सकती है।