नीतीश कुमार के खुलासे के बाद अब आई शामत, पूर्व PCS की बढ़ी परेशानी…

Ritu Raj

2017 के चर्चित सृजन घोटाले में बिहार सरकार ने पहली बार सख्त और निर्णायक कार्रवाई करते हुए बड़ा संदेश दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने भागलपुर जिले के पीरपैंती में तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) रहे चंद्रशेखर झा की पूरी पेंशन जब्त कर ली है। घोटाले के दौरान विभिन्न मदों से सरकारी बैंक खातों से 4.52 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी के आरोपों का सामना कर रहे चंद्रशेखर झा को अब आजीवन पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। CBI द्वारा 2018 में दर्ज मामले में अभियोजन की स्वीकृति मिलने के बाद सरकार की यह कार्रवाई सृजन घोटाले में अब तक की सबसे कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है।

सामान्य प्रशासन विभाग ने इस मामले में CBI की चार्जशीट को ही कार्रवाई का आधार बनाया है। सरकार के अनुसार, तत्कालीन BDO चंद्रशेखर झा ने सरकारी सेवक के रूप में कार्य करते हुए अपनी तैनाती के दौरान साजिश के तहत अलग-अलग बैंक चेकों के जरिए करोड़ों रुपये अवैध रूप से सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड, सबौर के खाते में ट्रांसफर कराए। जांच में यह भी सामने आया कि गाजियाबाद के वसुंधरा में उनकी पत्नी बबीता झा के नाम बुक कराए गए फ्लैट के भुगतान में भी सृजन से जुड़े पैसों का इस्तेमाल हुआ, जबकि सृजन संस्था को बैंकिंग कार्य करने की कोई स्वीकृति नहीं थी। इस कार्रवाई की प्रति सामान्य प्रशासन विभाग ने CBI, संबंधित जिलाधिकारी और धनबाद स्थित चंद्रशेखर झा के वर्तमान आवास पर भी भेज दी है।

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CBI की जांच रिपोर्ट में चंद्रशेखर झा की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आने के बाद इसी वर्ष 12 जुलाई को जिलाधिकारी द्वारा विभाग को चार्जशीट सौंपी गई थी। इसके आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने चंद्रशेखर झा से जवाब-तलब किया और उनसे लिखित सफाई मांगी गई। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विभाग ने अब कड़ा कदम उठाते हुए उनकी पूरी पेंशन जब्त करने का फैसला लिया है। यह कार्रवाई सृजन घोटाले में सरकारी स्तर पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाने के संकेत के तौर पर देखी जा रही है।

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