दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव की उस अर्जी पर CBI से जवाब मांगा है, जिसमें उन्होंने IRCTC घोटाला मामले में अपने खिलाफ आरोप तय करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने तेजस्वी की याचिका और स्टे आवेदन पर नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 14 जनवरी को तय की है। इस दिन उनके पिता लालू प्रसाद यादव की इसी तरह की याचिका पर भी सुनवाई होगी।
पिछले दिन यानी सोमवार (5 जनवरी) को हाईकोर्ट ने लालू यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए ट्रायल रोकने से साफ इनकार कर दिया था। याद रहे कि 13 अक्टूबर 2025 को ट्रायल कोर्ट ने लालू, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी और 11 अन्य आरोपियों के खिलाफ इंडियन पीनल कोड (IPC) और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन (PC) एक्ट की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। मामला IRCTC के दो होटलों के प्राइवेट फर्म को ऑपरेशनल कॉन्ट्रैक्ट देने में कथित गड़बड़ियों से जुड़ा है। वहीं, अदालत ने लालू यादव के अलावा प्रदीप कुमार गोयल, राकेश सक्सेना, भूपेंद्र कुमार अग्रवाल, राकेश कुमार गोगिया और विनोद कुमार अस्थाना के खिलाफ भी PC एक्ट की धारा 13(2) और 13(1)(d)(ii),(iii) के तहत आरोप तय किए थे। PC एक्ट के तहत अधिकतम सज़ा 10 साल और धोखाधड़ी (IPC 420) के लिए 7 साल तक हो सकती है।
इसके साथ ही, लालू, राबड़ी, तेजस्वी, LARA प्रोजेक्ट्स LLP, विजय कोचर, विनय कोचर, सरला गुप्ता और प्रेम चंद गुप्ता के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120B (क्रिमिनल साजिश) के तहत भी आरोप तय किए गए हैं। अदालत ने सभी 14 आरोपियों के लिए यह आदेश एक कॉमन चार्ज के रूप में दिया।