पटना हॉस्टल ब्लास्ट: हथुआ हॉस्टल बना ‘बारूद का ढेर’, पुलिस रेड में 40 सुतली बम और पेट्रोल बरामद; 7 छात्र गिरफ्तार

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजधानी पटना का शैक्षणिक माहौल एक बार फिर बम धमाकों और गोलीबारी की गूँज से दहल उठा है। पटना विश्वविद्यालय के छात्रावासों में मंगलवार रात हुई हिंसक झड़प के बाद पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के हथुआ हॉस्टल में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस को जो मिला, उसने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। पुलिस ने यहाँ से भारी मात्रा में विस्फोटक और बम बनाने की सामग्री बरामद की है।

विवाद की जड़: चाय की दुकान पर छेड़खानी
घटना की शुरुआत मंगलवार देर रात कृष्णा घाट के पास से हुई। जानकारी के अनुसार, सीवी रमण हॉस्टल का छात्र प्रिंस कुमार एक युवती के साथ चाय पीने गया था। इसी दौरान जैक्सन हॉस्टल के कुछ छात्रों के साथ युवती से छेड़खानी को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दोनों गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

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आधी रात को बमबाजी और फायरिंग से दहशत
शुरुआती मारपीट के बाद मामला शांत होता दिखा, लेकिन देर रात बदले की आग और भड़क गई। आरोप है कि जैक्सन हॉस्टल के छात्रों ने सीवी रमण हॉस्टल को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ बमबाजी और फायरिंग शुरू कर दी। हॉस्टल कैंपस में हुए इन धमाकों से न केवल छात्र, बल्कि आसपास के रहवासी भी दहशत में आ गए।

पुलिसिया रेड और बारूद की बरामदगी
बुधवार सुबह डीएसपी राजकिशोर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम ने जैक्सन, सीवी रमण, रामानुजन और हथुआ हॉस्टल में सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसमें सबसे भयावह स्थिति हथुआ हॉस्टल में देखने को मिली क्योंकि वहाँ से पुलिस ने 40 तैयार सुतली बम, बोतलों में भरा पेट्रोल, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और बम बनाने के लिए उपयोग होने वाली कीलें, सुतली व माचिस बरामद की।

7 छात्र गिरफ्तार, विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल
पुलिस ने मौके से सात छात्रों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान सौरभ, शुभम, सुमित, मोहित, दीपक, प्रणय और विवेक के रूप में हुई है। डीएसपी राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि ये छात्र न केवल हिंसा में शामिल थे, बल्कि हॉस्टल के भीतर बम बनाने की फैक्ट्री चला रहे थे। इस घटना ने पटना विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा के मंदिर में इतनी बड़ी मात्रा में बारूद का पहुँचना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। पुलिस अब इस मामले में बाहरी तत्वों की संलिप्तता की भी जाँच कर रही है।

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