सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा के बजट सत्र में मनेर से राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने प्रशासनिक व्यवस्था पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान राज्य सरकार पूरी तरह से अधिकारियों के इशारों पर चल रही है। भाई वीरेंद्र ने कहा कि नौकरशाही इस कदर हावी है कि जनप्रतिनिधियों और खुद सरकार को भी हर दिन गलत तथ्यों के जरिए गुमराह किया जा रहा है।
अधिकारी दे रहे हैं गलत रिपोर्ट
विधायक भाई वीरेंद्र ने सदन में एक विशिष्ट उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने मनेर क्षेत्र में गंगा और सरयू नदी के संगम को आधिकारिक तौर पर ‘संगम स्थल’ घोषित करने की मांग की थी। यह क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहाँ बड़ी आबादी निवास करती है। लेकिन, जब सरकार ने इस पर रिपोर्ट मांगी, तो संबंधित अधिकारियों ने यह लिखकर दे दिया कि वहां कोई बसावट ही नहीं है।
भाई वीरेंद्र ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “जहाँ हजारों लोग रहते हैं, उसे अधिकारी खाली बता रहे हैं। यह सरकार को भ्रमित करने की पराकाष्ठा है। जब अधिकारी ही गलत तथ्य देंगे, तो विकास की योजनाएं सही दिशा में कैसे बनेंगी?”
लोकतंत्र और मुख्यमंत्री पर सीधा हमला
राजद विधायक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता ने मुख्यमंत्री पर भरोसा किया है, लेकिन जब राज्य का मुखिया ही अपने शब्दों की मर्यादा नहीं रख पा रहा, तो दूसरों से क्या उम्मीद की जाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार चलाने वाले लोग लोकतंत्र के मूल्यों को तार-तार कर रहे हैं और अधिकारियों की मनमानी ने जनता के विश्वास को कमजोर कर दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था और कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी
विधायक ने केवल प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे राज्य की लचर कानून व्यवस्था का प्रतीक बताया। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और साजिशकर्ताओं को बेनकाब कर कड़ी सजा दी जानी चाहिए।