बिहार में HIV संक्रमितों की संख्या हुई 1 लाख के पार, पटना से बेगूसराय तक रेड अलर्ट…

Ritu Raj

बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। राज्य में एचआईवी संक्रमितों की संख्या एक लाख की लक्ष्मण रेखा को पार कर गई है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने विधान परिषद में इन आंकड़ों की पुष्टि करते हुए राज्य में एड्स के बढ़ते खतरे पर मुहर लगा दी है। बता दें कि रकार अब तक इस दिशा में 63.81 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। लेकिन बजट और दवाओं से अधिक, इस ‘साइलेंट किलर’ को हराने के लिए आम जनता की सतर्कता और परहेज सबसे बड़ा हथियार है।

रेड ज़ोन में बिहार के 13 जिले;
सदन में दी गई जानकारी के अनुसार, बिहार के 13 जिले ‘हाई रिस्क’ की श्रेणी में आ चुके हैं। इन जिलों में संक्रमण की दर सबसे खतरनाक स्तर पर है।

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जिलासंक्रमितों की संख्या
पटना8,270 (सबसे ज्यादा प्रभावित)
गया5,760
मुजफ्फरपुर5,520
सीतामढ़ी5,026
बेगूसराय4,716

बीमारी के विस्तार की मुख्य वजहें;
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी केवल शारीरिक समस्या नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता की कमी का भी परिणाम है। दरअसल, लोक-लाज के डर से आज भी लोग इस बीमारी पर बात करने या जांच कराने से कतराते हैं। वहीं, असुरक्षित शारीरिक संबंध और संक्रमित सुइयों का दोबारा इस्तेमाल संक्रमण का मुख्य जरिया बन रहा है। रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले मजदूर अक्सर वहां से अनजाने में संक्रमण लेकर लौट रहे हैं।

सरकारी पहल;
हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ‘बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना’ के तहत प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल दे रही है।
पेंशन: प्रत्येक संक्रमित व्यक्ति को 1,500 रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता।
बाल सहायता: संक्रमित बच्चों के पालन-पोषण के लिए 1,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त मदद।
जांच सुविधाएं: राज्य भर में 196 जांच केंद्र सक्रिय हैं, जहाँ मुफ्त काउंसलिंग और टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है।

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