मुजफ्फरपुर बनेगा डेयरी हब! ओसम डेयरी लगाएगी ₹85.03 करोड़ का प्लांट, युवाओं के लिए खुली नौकरियों की राह…

Ritu Raj

बिहार में औद्योगिक विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। नए निवेश अब केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ज़मीन पर बुनियादी ढांचे के निर्माण, रोजगार के अवसरों और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। इसी क्रम में उद्योग विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के मार्गदर्शन में परियोजना स्वीकृति समिति (PCC) के हालिया फैसले अहम साबित हो रहे हैं।

इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ओसम डेयरी (एचआर फूड प्रोसेसिंग प्रा. लि.) द्वारा मुजफ्फरपुर में ₹85.03 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। इस परियोजना को PCC से मंजूरी मिल चुकी है और बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) ने मोतीपुर क्लस्टर के डुमरिया औद्योगिक क्षेत्र में 7.14 एकड़ जमीन आवंटित कर दी है। इस डेयरी इकाई में दूध, दही, पनीर, लस्सी, मक्खन, घी, फ्लेवर्ड मिल्क और दूध से बने विभिन्न मिठाई उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना के शुरू होने से लगभग 227 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही, यह पहल डेयरी क्षेत्र में वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।

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इस मौके पर उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि-आधारित और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऐसे उद्योग न केवल रोजगार सृजित करते हैं, बल्कि किसानों से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूत बनाते हैं। वहीं, विभाग के सचिव ने बताया कि BIADA बेहतर बुनियादी ढांचा और समयबद्ध स्वीकृतियों के जरिए निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। हालांकि, यह परियोजना इस बात का संकेत है कि बिहार अब फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में एक उभरता हुआ केंद्र बनता जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से फसल के बाद होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सकेगा। यह पहल राज्य के समावेशी और सतत औद्योगिक विकास के लक्ष्य के अनुरूप है, जो कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने पर केंद्रित है।

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