बिहार के छात्रों के लिए खुशखबरी! 19 जिलों में खुलेंगे नए केंद्रीय विद्यालय; मुजफ्फरपुर से पूर्णिया तक जमीन फाइनल, देखें लिस्ट…

Ritu Raj

बिहार में केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) के नेटवर्क को मजबूती देने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में 19 नए प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना की राह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को भूमि हस्तांतरण, एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) और ढांचागत सुधारों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा है।

केंद्रीय विद्यालय संगठन, पटना संभाग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कई जिलों में भूमि तो चयनित कर ली गई है, लेकिन विभागीय एनओसी के अभाव में काम अटका हुआ है। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य, कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभागों और बियाडा (BIADA) को निर्देशित किया है कि वे प्रस्तावित जमीनों के लिए एनओसी जारी करने की प्रक्रिया में देरी न करें। भोजपुर (आरा टाउन) और पूर्णिया में भूमि उपयुक्त है, लेकिन वहाँ अतिक्रमण हटाने और संपर्क मार्ग के निर्माण का कार्य लंबित है, जिसे जल्द पूरा करने का आदेश दिया गया है। भागलपुर टाउन, कैमूर, झंझारपुर, मुंगेर टाउन, मधुबनी (रामपट्टी), और मुजफ्फरपुर (बेला औद्योगिक क्षेत्र) में भूमि चयनित है, मगर एनओसी का इंतजार है। गया (बोधगया), कटिहार, दरभंगा (एम्स के निकट), शेखपुरा, सीतामढ़ी और नालंदा में भी उपयुक्त भूमि की पहचान कर ली गई है। वहीं, मधेपुरा में हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी है।

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विद्यालयों के स्थायी निर्माण में लगने वाले समय को देखते हुए सरकार का ध्यान अस्थायी भवनों पर भी है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश जिलों में राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए हाई स्कूल, कॉलेज और छात्रावासों के भवन उपयुक्त पाए गए हैं, लेकिन उन्हें मरम्मत की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि इन अस्थायी भवनों के रखरखाव और जीर्णोद्धार का कार्य तुरंत शुरू किया जाए। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताओं को जल्द से जल्द निपटाया जाए ताकि इन 19 नए विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र और पठन-पाठन का कार्य बिना किसी विलंब के शुरू हो सके। इस पहल से राज्य के हजारों छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे और केंद्रीय विद्यालयों की पहुंच ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक और अधिक सुलभ हो जाएगी।

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