सिटी पोस्ट लाइव : प्यार के चक्कर में लालू यादव के बड़े बेटे ,पूर्व मंत्री, आरजेडी विधायक तेजप्रताप यादव ने अपने परिवार, पद, प्रतिष्ठा और परम्परा को तार-तार कर दिया है. अनुष्का यादव के प्यार के चक्कर में तेज प्रताप यादव पत्नी, पार्टी और परिवार तीनों को ही गंवा चुके हैं. लालू यादव ने उन्हें सजा के तौर पर पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है. लालू यादव इतने आहत हैं कि उन्होंने परिवार से भी अपने इस बेटे को निकाल बाहर किया है.
छोटे भाई तेजस्वी यादव ने भी पिता के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि तेज प्रताप यादव ने जो किया है उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. बेटी रोहिणी आचार्य ने भी कहा कि प्रतिष्ठा पर किसी की वजह से कोई आंच आए ये हमें कदापि स्वीकार्य नहीं है. ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर वह लड़की कौन हैं जिसके प्यार में तेज प्रताप यादव ने पत्नी, पार्टी और परिवार तीनों से बगावत करने का फैसला लिया. दरअसल, 2018 में तेज प्रताप यादव की शादी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा राय की पोती ऐश्वर्या राय से हुई थी. लेकिन दोनों का रिश्ता कुछ महीने बाद ही बदरंग होने लगा.
ऐश्वर्या ने ससुराल वालों के खिलाफ कई किस्म के गंभीर आरोप गए. यहां तक कि तेज प्रताप यादव ने भी उस समय पत्नी का साथ नहीं दिया. रोती-बिलखती ऐश्वर्या राय ने राबड़ी आवास से निकलकर तेज प्रताप यादव के खिलाफ कोर्ट जाने के फैसला लिया. आज भी दोनों के बीच तलाक से जुड़ा मामला कोर्ट में चल रहा है. ल से रिलेशन शिप में हैं. यानी ऐश्वर्या से शादी के पहले से अनुष्का से रिलेशनशिप में थे.
तेज प्रताप यादव ने अपने पोस्ट में लिखा था, “मैं तेज प्रताप यादव और मेरे साथ इस तस्वीर में जो दिख रही हैं उनका नाम अनुष्का यादव है! हम दोनों पिछले 12 सालों से एक दूसरे को जानते है. प्यार भी करते हैं हमलोग पिछले 12 सालों से एक रिलेशनशिप में रह रहें हैं. मैं बहुत दिनों से आप लोगों से यह बात कहना चाहता था पर समझ नहीं आ रहा था कैसे कहूं. इसलिए आज इस पोस्ट के माध्यम से अपने दिल का बात आप सब के बीच रख रहा हूं. आशा करता हू आपलोग मेरी बातों समझेंगे.
अनुष्का यादव तेज प्रताप यादव के एक खास दोस्त की बहन हैं. अनुष्का यादव का भाई पहले आरजेडी में ही था. आरजेडी से हटने के बाद फिलहाल वो किसी और पार्टी में है. मिली जानकारी के मुताबिक़ अनुष्का यादव के पिता का नाम मनोज यादव है. मनोज यादव का परिवार पटना में रहता है. अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव है. तेजस्वी यादव ने आकाश को पद से हटा दिया था, जिसपर पार्टी में बवाल भी हुआ था. अनुष्का को उसी कि बहन बताया जा रहा है. हालांकि इसे लेकर अभी तक अनुष्का या तेज प्रताप यादव की ओर से कोई पुष्टि नहीं की गई है.
लालू ने बेटे के खिलाफ एक्शन लेते हुए ट्वीट पर लिखा – निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमज़ोर करता है. ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है.अतएव उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूँ. अब से पार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी. उसे पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया जाता है. अपने निजी जीवन का भला -बुरा और गुण-दोष देखने में वह स्वयं सक्षम है. उससे जो भी लोग संबंध रखेंगे वो स्वविवेक से निर्णय लें. लोकजीवन में लोकलाज का सदैव हिमायती रहा हूँ. परिवार के आज्ञाकारी सदस्यों ने सावर्जनिक जीवन में इसी विचार को अंगीकार कर अनुसरण किया है. धन्यवाद.
पिता के फैसले का समर्थन करते हुए लालू यादव को किडनी दान करने वाली बेटी रोहिणी आचार्य ने लिखा-‘जो परिवेश , परंपरा , परिवार और परवरिश की मर्यादा का ख्याल रखते हैं , उन पर कभी सवाल नहीं उठते हैं , जो अपना विवेक त्याग कर मर्यादित आचरण व् परिवार की प्रतिष्ठा की सीमा को बारम्बार लांघने की गलती – धृष्टता करते हैं, वो खुद को आलोचना का पात्र खुद ही बनाते हैं .. हमारे लिए पापा देवतुल्य हैं , परिवार हमारा मंदिर व् गौरव और पापा के अथक प्रयासों – संघर्षों से खड़ी की गयी पार्टी व् सामाजिक न्याय की अवधारणा हमारी पूजा .. इन तीनों की प्रतिष्ठा पर किसी की वजह से कोई आंच आए ये हमें कदापि स्वीकार्य नहीं .’
तेज प्रताप के खिलाफ लालू यादव की इस सख्त कार्रवाई के बाद तेजस्वी यादव ने भी भाई के खिलाफ सख्त टिप्पणी की है. उन्होंने रविवार को कहा कि तेज प्रताप का निजी और राजनीतिक जीवन अलग है. उन्होंने जो किया है (अनुष्का यादव से 12 साल से संबंध) वह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अपने पिता लालू यादव के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जो फैसला लिया है उसमें उन्होंने अपनी भावनाएं स्पष्ट कर दी है. तेजस्वी ने कहा कि तेज प्रताप यादव मुझसे बड़े हैं और बालिग हैं. इसलिए उनके निजी जीवन के फैसले पर उनका अधिकार हैं. लेकिन वे (तेजस्वी) इसे बर्दाश्त नहीं करते हैं और ना ही इसे पसंद करते हैं.