सिटी पोस्ट लाइव :नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के पास दो EPIC नंबर होने का मामला सामने आया है. चुनाव आयोग ने जांच शुरू कर दी है. एक नंबर वैध है, जबकि दूसरा रिकॉर्ड में नहीं मिला. शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि उन्होंने मतदाता सूची में अपना नाम खोजा लेकिन वह नहीं मिला. इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक घमासान मच गया. चुनाव आयोग और जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने तुरंत जानकारी साझा कर दी और दावा किया कि तेजस्वी का नाम मतदाता सूची में मौजूद है.
अब इस पूरे मामले में एक नया मोड़ तब आया जब यह बात सामने आई कि तेजस्वी यादव के पास एक नहीं बल्कि दो EPIC (इलेक्टोरल फोटो आइडेंटिटी कार्ड) नंबर हैं. इससे मामला और उलझ गया है और चुनाव आयोग ने इसकी जांच शुरू कर दी है. चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव के 10 सवालों को फैक्टचेक में भ्रामक बताया है. ECI (चुनाव आयोग) के अनुसार तेजस्वी यादव ने 2020 में नामांकन के समय अपने शपथ पत्र में EPIC नंबर RAB0456228 का उपयोग किया था. यह नंबर 2015 से उनके नाम से जुड़ा हुआ है और 1 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में भी उनका नाम इसी नंबर के साथ दर्ज है.वहीं तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो EPIC नंबर बताया वह RAB2916120 है, जिसकी जांच के बाद चुनाव आयोग ने साफ कर दिया कि यह नंबर रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं है.
ECI सूत्रों के मुताबिक इस मामले में दस साल पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए. लेकिन दूसरे EPIC नंबर से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं मिला. आयोग ने यह भी कहा है कि यह “बहुत संभव है” कि दूसरा EPIC नंबर कभी आधिकारिक रूप से बनाया ही नहीं गया हो. अब आयोग इस नंबर की हकीकत जानने के लिए गहराई से जांच कर रहा है कि कहीं यह फर्जी दस्तावेज तो नहीं है. अगर ऐसा साबित होता है तो यह मामला गंभीर कानूनी पेंच में फंस सकता है.अगर दूसरे EPIC नंबर को लेकर फर्जीवाड़ा साबित होता है तो तेजस्वी यादव के लिए यह कानूनी संकट खड़ा कर सकता है. दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इसे लेकर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है. चुनाव आयोग ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने तक इस मामले को गंभीरता से देखा जाएगा. हालांकि तेजस्वी यादव ने अभी तक इस विवाद पर कोई नया जवाब नहीं दिया है.