अमिताभ बच्चन ने तोड़ी चुप्पी: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भावुक पोस्ट, हरिवंश राय बच्चन की कविता से दी श्रद्धांजलि

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
अमिताभ बच्चन ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की कविता का संदर्भ देते हुए उस हमले में मारे गए एक व्यक्ति की पत्नी की मानसिक पीड़ा और साहस को व्यक्त किया।

अमिताभ बच्चन ने लिखा: “छुट्टियां मानते हुए, उस राक्षस ने, निर्दोष पति-पत्नी को बाहर खींच कर, पति को नग्न कर, उसके धर्म की पूर्ति करने के बाद, उसे जब गोली मारने लगा, तो पत्नी ने, घुटने पे गिर कर, रो-रो अनुरोध करने के बाद भी, की उसके पति को न मारो; उसके पति को उस बुजदिल राक्षस ने, बेहद बेरहमी से, गोली मार कर, पत्नी को विधवा बना दिया! जब पत्नी ने कहा ‘मुझे भी मार दो’! तो राक्षस ने कहा ‘नहीं! तू जाके, मोदी को बता!” इस घटना से प्रभावित होकर, अमिताभ बच्चन ने अपने पिता की कविता की एक पंक्ति का संदर्भ दिया: “है चिता की राख कर में, मांगती सिंदूर दुनिया…” यह पंक्ति उस महिला की मानसिक पीड़ा और साहस को दर्शाती है, जिसने अपने पति की हत्या के बाद भी अपने देश और प्रधानमंत्री के प्रति अपनी निष्ठा और विश्वास को व्यक्त किया।

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ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना की सराहना
अमिताभ बच्चन ने भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की सराहना करते हुए लिखा: “तू ना थमेगा कभी; तू ना रुकेगा कभी; तू ना थकेगा कभी; कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ! अग्निपथ! अग्निपथ! अग्निपथ!” यह पंक्तियाँ भारतीय सेना के साहस, समर्पण और देशभक्ति को सम्मानित करती हैं।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
अमिताभ बच्चन की इस पोस्ट के बाद, सोशल मीडिया पर उनकी सराहना की गई और कई लोगों ने उनकी भावनाओं का समर्थन किया। उनकी चुप्पी के बाद यह पोस्ट एक सशक्त और प्रेरणादायक संदेश के रूप में सामने आई। यदि आप इस विषय पर और जानकारी चाहते हैं या इस घटना से संबंधित किसी अन्य पहलू पर चर्चा करना चाहते हैं, तो कृपया बताएं।

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