आपने एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के हवाले से पश्चिम बंगाल के चुनावी परिदृश्य का बहुत ही सटीक और विस्तृत विश्लेषण साझा किया है। 2026 के इन विधानसभा चुनावों में ‘धनबल’ की यह भूमिका वाकई मतदाताओं के लिए एक विचारणीय विषय है।

पश्चिम बंगाल के शीर्ष 3 सबसे अमीर विधायक;
| स्थान | विधायक का नाम | निर्वाचन क्षेत्र | अनुमानित संपत्ति |
| 1 | जाकिर हुसैन | जंगीपुर | ₹67 करोड़ |
| 2 | अहमद जावेद खान | कस्बा | ₹32 करोड़+ |
| 3 | विवेक गुप्ता | जोरासांको | ₹31 करोड़+ |

करोड़पतियों का बोलबाला;
सदन में धनबल का दबदबा साफ दिखाई देता है, जहाँ 291 में से 152 विधायक यानी लगभग 52% करोड़पति हैं। औसतन एक विधायक की संपत्ति ₹2.82 करोड़ तक पहुँच चुकी है और सभी विधायकों की कुल घोषित संपत्ति करीब ₹821.50 करोड़ हो गई है। सत्ताधारी दल TMC इस सूची में आगे है, जबकि BJP के विधायकों की आर्थिक स्थिति भी काफी मजबूत मानी जा रही है। हालांकि, इस रिपोर्ट का एक गंभीर पहलू यह भी है कि इसमें केवल संपत्ति ही नहीं, बल्कि आपराधिक इतिहास का भी उल्लेख किया गया है, जो यह संकेत देता है कि राजनीति में बढ़ता धनबल आम आदमी और जमीनी कार्यकर्ताओं के लिए चुनाव लड़ना लगातार कठिन बनाता जा रहा है।