बिहार में भारत बंद का महासंग्राम: कटिहार से बेगूसराय तक NH जाम, सड़कों पर उतरे हजारों बैंकर्स…

Ritu Raj

भारत में आज ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए ‘भारत बंद’ का व्यापक असर देखने को मिल रहा है, विशेषकर बिहार के विभिन्न जिलों में जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल का नेतृत्व 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विभिन्न सेवा संघों द्वारा किया जा रहा है।

बिहार में प्रदर्शन के मुख्य केंद्र;
– पटना: डाकबंगला चौराहे पर लगभग 2,000 प्रदर्शनकारी जुटे हैं, जिससे पूरे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। माले MLC शशि यादव और नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन हो रहा है।
– कटिहार: प्रदर्शनकारियों ने NH-31 को पूरी तरह जाम कर दिया है, जिसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं।
– आरा और बक्सर: यहाँ भी प्रमुख सड़कों को जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
– नालंदा और दरभंगा: हरनौत में सफाईकर्मियों की हड़ताल से कचरे का अंबार लग गया है, वहीं दरभंगा में एंबुलेंस कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।

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विरोध के मुख्य कारण;
1) अधिकारों का हनन: पुराने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर बनाए गए ये नए कोड मजदूरों के बजाय मालिकों के हित में हैं।
2) यूनियन बनाने पर पाबंदी: पहले 25 व्यक्ति मिलकर यूनियन बना सकते थे, लेकिन अब इसके लिए न्यूनतम 300 लोगों की आवश्यकता होगी, जिससे छोटे संगठनों का अस्तित्व खतरे में है।
3) सुरक्षा और वेतन: न्यूनतम मजदूरी, पीएफ (PF), ईएसआई और 8 घंटे काम की गारंटी जैसे सामाजिक सुरक्षा के अधिकार खत्म होने का डर है।
4) आउटसोर्सिंग का मुद्दा: बायोमीट्रिक हाजिरी में विसंगतियां, वेतन कटौती और आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा कर्मियों के शोषण के खिलाफ भी गुस्सा है।

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