सिटी पोस्ट लाइव
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में अगले विधानसभा चुनाव (Bihar Chunav 2025) की बिसात बिछानी शुरू कर दी है. किशनगंज जिले के बहादुरगंज प्रखंड के कॉलेज चौक में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी कि उनकी पार्टी के चार विधायकों को तोड़ने का बदला 24 सीटों पर लिया जाएगा. उन्होंने सीमांचल की राजनीति में मुस्लिम एकता पर जोर देते हुए ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा.
जनसभा में ओवैसी ने ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर को लेकर हुई गिरफ्तारियों पर सवाल उठाए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब लोग ‘आई लव मोदी’ और ‘आई लव नीतीश’ के पोस्टर लेकर घूमते हैं, तो आपको वे सही और वफादार लगते हैं. ‘आई लव मोदी’ पोस्टर वाले के साथ सेल्फी ली जाती है, ‘आई लव नीतीश’ वाले को वफादार कहा जाता है, तो फिर ‘आई लव मोहम्मद’ से नफरत क्यों है? ओवैसी ने स्पष्ट किया कि “हम अपने अल्लाह को मां-बाप और दुनिया की हर दौलत-शोहरत से भी ज्यादा चाहते हैं, क्योंकि उसी की वजह से हम मुसलमान हैं.” इस दौरान उन्होंने ‘आई लव मोहम्मद’ के संबंध में गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई और सलामती के लिए दुआ भी की.
ओवैसी ने RJD द्वारा AIMIM के चार विधायकों को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल करने की घटना को लेकर लालू यादव की पार्टी को सीधे चुनौती दी. उन्होंने गरजते हुए कहा कि “चार का बदला 24 से लिया जाएगा.” यह स्पष्ट संकेत था कि AIMIM आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में अधिकाधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी और उन क्षेत्रों में RJD के लिए मुश्किलें पैदा करेगी जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं.
AIMIM सुप्रीमो ने बिहार के 19 फीसदी मुस्लिम समुदाय को अपने हक और सम्मान के लिए एकजुट होकर अपना लीडर बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि सभी जाति-धर्मों ने अपना लीडर बना लिया, लेकिन 19 फीसदी मुसलमान आज भी अपना नेता नहीं बना पाए हैं. ओवैसी ने लोगों से इंसाफ के नाम पर वोट मांगते हुए कहा कि नफरत फैलाने वाली पार्टियों को हराना जरूरी है, तभी आपके बच्चों का बेहतर भविष्य बन पाएगा और सीमांचल में आप अपनी राजनीति कर सकेंगे, आपको किसी यादव लीडर के सामने सिर नहीं झुकाना पड़ेगा.
अपने संबोधन में उन्होंने वक्फ संपत्ति के मुद्दे को भी उठाया. ओवैसी ने आरोप लगाया कि “वक्फ का काला कानून बनाकर मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों को छीनना चाहते हैं,” लेकिन उन्होंने दृढ़ता से कहा कि “हम मस्जिद को नहीं छोड़ेंगे.” उन्होंने बताया कि उन्होंने भारत के संसद भवन में खड़े होकर मुस्लिम समुदाय की आवाज उठाई है और कहा है कि वे इन काले कानूनों को स्वीकार नहीं करते हैं. ओवैसी ने लोगों से ‘गद्दारों को हराने’ और ‘इंसाफ को कामयाब’ करने का आह्वान किया.