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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन को एक बड़ी राजनीतिक मजबूती मिली है। इंडियन इनक्लूसिव पार्टी (Indian Inclusive Party- IIP) आधिकारिक तौर पर ‘इंडिया’ ब्लॉक का हिस्सा बन गई है। पार्टी ने आज इसकी घोषणा की, जिससे गठबंधन में एक नए सहयोगी के जुड़ने पर मुहर लग गई है।

यह घोषणा इंडियन इनक्लूसिव पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह कुशवाहा की उपस्थिति में की गई। इससे पहले, पार्टी प्रमुख आई.पी. गुप्ता ने महागठबंधन में शामिल होने का संकेत दे दिया था, और अब इस औपचारिक घोषणा ने गठबंधन के विस्तार को दर्शाया है।
15 सीटों पर IIP का दावा, तेजस्वी से बातचीत जारी
गठबंधन में शामिल होने के साथ ही इंडियन इनक्लूसिव पार्टी ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए 15 सीटों की मांग रखी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी प्रमुख आई.पी. गुप्ता ने तेजस्वी यादव के सामने यह सीटों की मांग पेश की है। हालांकि, तेजस्वी यादव IIP को कितनी सीटें देंगे, इसको लेकर अभी बातचीत जारी है। पार्टी की तरफ से बताया गया है कि सीटों के बंटवारे को लेकर जल्द ही अंतिम जानकारी साझा की जाएगी।
महागठबंधन के नेताओं का मानना है कि IIP के जुड़ने से गठबंधन के सामाजिक समीकरण और भी मजबूत होंगे। पार्टी का मानना है कि यह फैसला NDA गठबंधन को कड़ी टक्कर देगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहां कुशवाहा समुदाय का प्रभाव है, क्योंकि पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वयं हरेंद्र सिंह कुशवाहा हैं।
‘इंडिया’ की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प
इंडियन इनक्लूसिव पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह कुशवाहा ने ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल होने पर खुशी जाहिर की और तेजस्वी यादव का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन को मजबूत करने और बिहार में जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी। कुशवाहा के पार्टी में शामिल होने से यह संकेत मिलता है कि ‘इंडिया’ गठबंधन केवल जातीय समीकरणों पर ही नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रहा है।
आई.पी. गुप्ता की पार्टी का यह विलय बिहार में विपक्षी गठबंधन के विस्तार और आगामी चुनावों के लिए उसकी गंभीर तैयारियों को दर्शाने वाला एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम है। यह देखना दिलचस्प होगा कि IIP की 15 सीटों की मांग को RJD किस तरह समायोजित करती है, जबकि सीट शेयरिंग को लेकर महागठबंधन में पहले से ही कांग्रेस और मुकेश सहनी जैसे सहयोगियों के साथ गतिरोध बना हुआ है।