राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों ने मंगलवार को संसद परिसर में एक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य बिहार में बढ़ते अपराध, बेरोजगारी, महंगाई और अन्य गंभीर समस्याओं पर केंद्र की मोदी सरकार तथा राज्य की नीतीश कुमार सरकार का ध्यान आकर्षित करना था।
सांसदों ने हाथों में बड़े-बड़े पोस्टर थाम रखे थे, जिन पर केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखे आरोप लगाए गए थे। पोस्टरों पर लिखा था कि बिहार बेरोजगारी, महंगाई, बलात्कार, स्कूल ड्रॉपआउट, भ्रष्टाचार और हत्या जैसे मामलों में देश में पहले नंबर पर है। इन सभी समस्याओं के लिए मोदी-नीतीश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए नारे दिए गए, जैसे:
1) ‘मोदी-नीतीश को बिहार से भगाओ’
2) ‘बलात्कार में नंबर 1 बिहार, दोषी: मोदी-नीतीश’
3) ‘स्कूल ड्रॉपआउट में नंबर 1 बिहार, दोषी: मोदी-नीतीश’
4) ‘भ्रष्टाचार में नंबर 1 बिहार, दोषी: मोदी-नीतीश’
5) ‘हत्या में नंबर 1 बिहार, दोषी: मोदी-नीतीश’
6) ‘बेरोजगारी में नंबर 1 बिहार, दोषी: मोदी-नीतीश’
राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आम लोग महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त हैं, लेकिन दोनों सरकारें इन मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने के बजाय केवल आंकड़ों के खेल और खोखले दावों में व्यस्त हैं। ‘सुशासन’ के बड़े-बड़े दावों पर भी सवाल उठाए गए और कहा गया कि वास्तविकता में बिहार की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने संसद परिसर में अपनी आवाज बुलंद की और केंद्र व राज्य सरकार से इन गंभीर मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। राजद का यह विरोध बिहार की जनता की पीड़ा को राष्ट्रीय मंच पर उठाने का प्रयास था, ताकि इन समस्याओं का जल्द समाधान हो सके।