तेजस्वी के सीएम उम्मीदवार होने पर कांग्रेस विधायकों में टकराव, बैठक में गरमाई बहस

Rahul
By Rahul

सिटी पोस्ट लाइव

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र महागठबंधन में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर कांग्रेस के भीतर ही असहमति देखने को मिली। तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के सवाल पर कांग्रेस के दो वरिष्ठ विधायक अजीत शर्मा और मुन्ना तिवारी आपस में भिड़ गए। मामला तब गर्मा गया जब मीडिया से बातचीत के दौरान अजीत शर्मा ने कहा कि यह फैसला कांग्रेस अकेले नहीं करेगी, बल्कि सभी सहयोगी दल मिलकर तय करेंगे कि तेजस्वी यादव सीएम उम्मीदवार होंगे या नहीं।

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तभी वहां पहुंचे विधायक मुन्ना तिवारी ने उनकी बात काटते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है, तेजस्वी ही महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। पार्टी नेतृत्व ने इस भ्रम को पहले ही दूर कर दिया है। इस बयानबाजी के बाद दोनों विधायकों के बीच गरमागरम बहस छिड़ गई। हालांकि, बाद में अजीत शर्मा ने अपनी बात संभालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उम्मीदवार का निर्णय ‘इंडिया’ गठबंधन के शीर्ष नेताओं द्वारा किया जाएगा।

महागठबंधन में दरार या रणनीति?

दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में हुई बैठक के बाद बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि महागठबंधन मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा घोषित करेगा या नहीं, और अगर करेगा तो किसे, यह बाद में विचार-विमर्श के बाद तय किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राजद के भीतर असंतोष देखने को मिला क्योंकि पार्टी पहले ही तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस इस संबंध में जल्द कोई निर्णय लेती है या नहीं।

क्या तेजस्वी के नाम पर मुहर लगाएगी कांग्रेस?

तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने के सवाल पर कांग्रेस के भीतर मतभेद उभरने के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या कांग्रेस सार्वजनिक रूप से तेजस्वी के नाम पर अपनी सहमति देगी। पार्टी के कुछ नेता मानते हैं कि इस फैसले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, जबकि कुछ नेता इसे गठबंधन की एकता के लिए ज़रूरी मान रहे हैं।

भाजपा ने साधा निशाना, कहा- कौन रोक रहा है तेजस्वी को?

तेजस्वी यादव के नाम पर कांग्रेस के भीतर असहमति को लेकर भाजपा ने भी चुटकी ली है। भाजपा नेताओं का कहना है कि महागठबंधन में एकता सिर्फ दिखावे की है और कांग्रेस तेजस्वी को सीएम बनने से रोक रही है। भाजपा ने लालू प्रसाद यादव से सीधा जवाब मांगते हुए कहा कि क्या कांग्रेस के इस रवैये पर वे चुप्पी साधे रहेंगे?

इतनी सीटें जीतें कि कांग्रेस के बिना न बने सरकार : राहुल

दिल्ली में हुई बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिहार कांग्रेस नेताओं को चुनाव की रणनीति समझाते हुए कहा कि पार्टी को इतनी सीटें जीतनी चाहिए कि सरकार बनाने में कांग्रेस की भूमिका अनिवार्य हो। बैठक में मीरा कुमार, तारिक अनवर, रंजीता रंजन, कृष्णा अल्लावरु, राजेश कुमार, डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, प्रो. रामजतन सिन्हा, डॉ. शकील अहमद, मदन मोहन झा सहित कई बड़े नेता मौजूद थे।

दलित-अल्पसंख्यकों को जोड़ने की रणनीति

राहुल गांधी ने बिहार कांग्रेस को दलितों और अल्पसंख्यकों को पार्टी से जोड़ने की विशेष ज़िम्मेदारी दी है। हाल ही में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा था कि कांग्रेस में ऊंची जातियों का दबदबा है, जिसे संतुलित करने की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने बिहार में दलित नेता राजेश कुमार को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है और पटना में दलित युवा संवाद सम्मेलन का आयोजन भी किया जा रहा है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने के सवाल पर अपना रुख कब तक स्पष्ट करती है। क्या यह निर्णय महागठबंधन की एकता को मजबूत करेगा या फिर इससे गठबंधन में दरार बढ़ेगी, यह आने वाले समय में साफ होगा।

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