राहुल गांधी के सामने कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़े,पूर्व विधायक ने पटककर मारा, 20 मिनट में राहुल गांधी ने खत्म की मीटिंग

अखिलेश के ख़िलाफ़ लगाया ऐसा नारा, तो सह न सका समर्थक, किया विरोध, तो पटक-पटककर मारा

City Post Live

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

सिटी पोस्ट लाइव
पटना:
बिहार प्रदेश कार्यालय में सोमवार को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई. पटना के सदाकत आश्रम में राहुल गांधी जिलाअध्यक्षों और नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक कर रहे थे. उसी दौरान बाहर कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. बैठक के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं के बीच तू-तू-मैं-मैं हो गई. इससे नाराज पूर्व अध्यक्ष अखिलेश सिंह बैठक के बीच से बाहर निकल गए. उनके पीछे उनका समर्थक रवि रंजन जा ही रहा था, तभी यूथ कांग्रेस से जुड़े असद और पूर्व विधायक टुन्ना चोर-चोर के नारे लगाने लगे. रवि रंजन ने जब विरोध किया तो उसको दौड़ा दिया. टुन्ना ने उसे पटक दिया और लात-घूंसे से पीटने लगे. बीच में अखिलेश सिंह ने बीच-बचाव कर उसे छुड़ाया.

बाहर हंगामा होता देख राहुल गांधी ने अपनी बैठक को 20 मिनट में ही खत्म कर दिया और एयरपोर्ट के लिए निकल गए. मारपीट के बाद कार्यकर्ता रवि रंजन ने आरोप लगाया कि ‘मैं भूमिहार हूं और वो राजपूत है, इसलिए मुझे मारा गया। पार्टी में साजिश की जा रही है. हमारे नेता के रहते गुंडागर्दी का विरोध करते रहेंगे. राहुल गांधी सदाकत आश्रम में कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक कर रहे थे. इसी दौरान कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने दूसरे को दौड़ाकर पकड़ा और उसे नीचे गिरा दिया. फिर दोनों कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट होने लगी. पीला गमछा लिए शख्स ने एक कार्यकर्ता की जमकर पिटाई कर दी.

मारपीट के बाद अखिलेश समर्थक कार्यकर्ता रवि रंजन भागने लगे. इस दौरान चोर-चोर के नारे लगाते हुए कांग्रेस के दूसरे कार्यकार्ताओं ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया. मार खाने के बाद पार्टी कार्यकर्ता रवि रंजन गेट से बाहर निकल गए. इस दौरान वहां कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह भी मौजूद थे. राहुल गांधी ने मीटिंग में कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करना है तो सभी कार्यकर्ताओं को मजबूती से तैयारी करनी होगी और एकजुट रहना होगा। सभी जाति और धर्म के लोगों के साथ समन्वय बनाकर चलना है. प्रदेश के हर घटना पर कांग्रेस को मुद्दा बनाकर प्रदर्शन करना है. बूथ लेवल पर एक्टिव रहना होगा. जो लोग काम नहीं करेंगे, उनकी पार्टी में कोई जगह नहीं होगी, लेकिन एकतरफ़ राहुल गांधी एकता की बात कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ़ उनकी मौजूदगी में ही सदाकत आश्रम में मारपीट हो रही थी, ऐसे में यह सवाल सबके मन में आ रहा है कि ऐसे में कैसे बिहार में मज़बूत होगी कांग्रेस?

Share This Article