सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजनीति में इन दिनों पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह को लेकर हलचल तेज है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के खेमे में अनंत सिंह की संभावित वापसी और आगामी चुनाव में टिकट को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हाल ही में हुई कुछ घटनाएं इन अटकलों को और बल दे रही हैं।
कल, केंद्रीय मंत्री और JDU नेता ललन सिंह ने अनंत सिंह के साथ एक ही गाड़ी में पटना से मोकामा तक का सफर किया। दोनों ने मोकामा में एक साथ रोड शो कर शक्ति प्रदर्शन किया। यह घटना अपने आप में कई संकेत दे रही थी, क्योंकि ललन सिंह और अनंत सिंह के बीच पहले राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर थी। ललन सिंह के इस कदम को अनंत सिंह को पार्टी में वापस लाने और उन्हें टिकट देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस घटना के बाद, आज एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब मंत्री अशोक चौधरी के आवास पर पहुंचे, तो वहां पहले से ही अनंत सिंह उनका इंतजार कर रहे थे। दोनों की मुलाकात हुई, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में अनंत सिंह हाथ जोड़कर नीतीश कुमार का अभिवादन करते दिख रहे हैं, और मुख्यमंत्री भी हाथ जोड़कर उनका शुक्रिया अदा कर रहे हैं। इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये दोनों घटनाएं JDU की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा हैं। पार्टी अनंत सिंह को लेकर एक बड़ी गोलबंदी कर रही है, जिसके केंद्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद हैं। अशोक चौधरी के आवास पर हुई मुलाकात इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पार्टी नेतृत्व अनंत सिंह को लेकर गंभीर है और उन्हें आगामी चुनाव में मौका दे सकती है।
अनंत सिंह का मोकामा और आसपास के इलाकों में अच्छा खासा जनाधार है। उनकी वापसी से JDU को इस क्षेत्र में बड़ी बढ़त मिल सकती है। हालांकि, अनंत सिंह का आपराधिक इतिहास भी रहा है, जिसके कारण उनकी वापसी को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। लेकिन, जिस तरह से पार्टी के वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद उनके साथ दिख रहे हैं, उससे यह साफ है कि JDU ने अनंत सिंह को पार्टी में वापस लाने का मन बना लिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इस फैसले पर कितना आगे बढ़ती है और क्या अनंत सिंह को वास्तव में आगामी चुनाव में टिकट मिलता है।