बुधवार की सुबह 8 बजे जब मुंबई के रनवे से मिड-साइज बिजनेस चार्टर्ड जेट Learjet-45 ने उड़ान भरी थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर महाराष्ट्र की राजनीति के एक बड़े अध्याय का अंत कर देगा। बारामती एयरपोर्ट के पास मौजूद चश्मदीदों की आंखों में अभी भी वो खौफनाक मंजर कैद है। भारतीय राजनीति में विमान और हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं कई बार बड़े नेताओं की जान ले चुकी हैं। ये हादसे अक्सर खराब मौसम, तकनीकी खराबी, पायलट त्रुटि या युद्ध जैसी परिस्थितियों में हुए हैं। नीचे प्रमुख ऐसे नेताओं की सूची दी गई है, जिनकी मौत विमान/हेलीकॉप्टर क्रैश में हुई है।
बलवंतराय मेहता (1965):
भारत-पाकिस्तान युद्ध (1965) के दौरान गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता का विमान कच्छ सीमा के पास उड़ान भर रहा था। पाकिस्तानी वायुसेना ने उनके नागरिक विमान को लड़ाकू विमान समझकर मार गिराया। यह भारतीय इतिहास की इकलौती घटना है जहाँ युद्ध के दौरान किसी मुख्यमंत्री की जान गई।
संजय गांधी (1980):
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे और देश के उभरते नेता संजय गांधी खुद एक कुशल पायलट थे। 23 जून 1980 को दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट पर एक ‘पिट्स एस-2ए’ (Pitts S-2A) विमान में स्टंट करते समय उनका नियंत्रण खो गया और विमान क्रैश हो गया। इस हादसे ने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी।
माधवराव सिंधिया (2001):
कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री माधवराव सिंधिया की मौत एक निजी विमान (Cessna) हादसे में हुई। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के पास खराब मौसम और भारी बारिश के चलते उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में उनके साथ 4 पत्रकारों सहित कुल 8 लोगों का निधन हुआ था।
जी.एम.सी. बालयोगी (2002):
आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में एक तकनीकी खराबी के चलते तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष जी.एम.सी. बालयोगी का हेलीकॉप्टर एक नारियल के बगीचे में गिर गया। लैंडिंग के दौरान कम दृश्यता और पायलट की तकनीकी चूक को इस हादसे का कारण माना गया।
दोर्जी खांडू (2011):
अरुणाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दोर्जी खांडू का हेलीकॉप्टर तवांग से ईटानगर जाते समय लापता हो गया था। 13,000 फीट की ऊंचाई पर खराब मौसम के कारण विमान पहाड़ों से टकरा गया। 5 दिनों के सघन तलाशी अभियान के बाद उनका शव बरामद हुआ था।
विजय रूपाणी (2025 – संदर्भ):
12 जून 2025 को अहमदाबाद में एयर इंडिया के एक विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस भीषण दुर्घटना में 260 लोगों की जान गई, जिनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। यह आधुनिक भारत के सबसे बड़े विमान हादसों में से एक दर्ज किया गया।
अन्य प्रमुख नेता जो हवाई हादसों का शिकार हुए:-
वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (2009): आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, जिनका हेलीकॉप्टर नल्लामाला के जंगलों में क्रैश हुआ।
राजेश पायलट (2000): हालाँकि यह एक कार दुर्घटना थी, लेकिन उनके नाम के साथ ‘पायलट’ उनकी विमानन विशेषज्ञता के कारण जुड़ा था, जिसकी चर्चा अक्सर विमान हादसों के संदर्भ में होती है।
सुभाष चंद्र बोस (1945): जिनके विमान क्रैश की गुत्थी आज भी भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा रहस्य बनी हुई है।