भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक समान नहीं हैं। हाल ही में IOC, BPCL और HPCL जैसी दिग्गज तेल कंपनियों द्वारा की गई कटौती के बावजूद, टैक्स स्ट्रक्चर के कारण आम जनता की जेब पर इसका असर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग पड़ रहा है। भारत में ईंधन की कीमतों का विश्लेषण करें तो साफ है कि अंडमान और निकोबार जैसे केंद्रशासित प्रदेशों में जहां कर न्यूनतम हैं, वहां कीमतें राहत देती हैं। वहीं, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल जैसे राज्यों में उच्च वैट के कारण पेट्रोल आज भी आम आदमी के लिए महंगा बना हुआ है।
कीमतें अलग होने के मुख्य कारण;
वैट (VAT): हर राज्य सरकार अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग वैल्यू एडेड टैक्स लगाती है।
मालभाड़ा (Freight Charges): रिफाइनरी से पेट्रोल पंप की दूरी कीमतों को प्रभावित करती है।
स्थानीय निकाय कर: कुछ शहरों में अतिरिक्त स्थानीय उपकर (Cess) भी वसूला जाता है।
सबसे महंगे और सबसे सस्ते क्षेत्र;
| श्रेणी | स्थान | पेट्रोल की कीमत (लगभग) |
| सबसे महंगा | आंध्र प्रदेश (अमरावती) | ₹109.87 / लीटर |
| सबसे सस्ता | अंडमान और निकोबार | ₹82.00 / लीटर |
जहां पेट्रोल ₹100 के पार है (प्रमुख शहर);
1) केरल: ₹107.54
2) तेलंगाना: ₹107.39
3) भोपाल: ₹106.45
4) पटना: ₹105.16
5) जयपुर: ₹104.86
6) मुंबई: ₹104.19
7) कोलकाता: ₹103.93
8) चेन्नई: ₹100.73
जहां पेट्रोल ₹100 से कम है;
1) दिल्ली: ₹94.76
2) पणजी (गोवा): ₹95.19
3) गुवाहाटी (असम): ₹96.12
4) पोर्ट ब्लेयर: ₹82.00 (न्यूनतम)