बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बीच एक नया विवाद सामने आया है, जिसने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला राज्य के PHED मंत्री संजय सिंह से जुड़े एक रिश्तेदार का है, जिस पर शराब तस्करी में संलिप्त होने का आरोप लगा है। जानकारी के मुताबिक, वैशाली जिले के औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब की एक बड़ी खेप बरामद की, जिसके बाद जांच के दौरान चंदन सिंह का नाम सामने आया है। राजद ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करके सरकार पर तीखा हमला बोला है।

बताया जा रहा है कि चंदन सिंह मंत्री संजय सिंह का करीबी रिश्तेदार है और पहले से ही शराब तस्करी के मामलों में वांछित रहा है। पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था, जिससे यह साफ होता है कि वह लंबे समय से इस अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था। स्थानीय स्तर पर भी उसकी पहचान एक कुख्यात तस्कर के रूप में बताई जा रही है। इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब चंदन सिंह की कई तस्वीरें सामने आईं, जिनमें वह सत्ताधारी दल के नेताओं और मंत्रियों के साथ नजर आ रहा है। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। जहां एक तरफ शराबबंदी की सख्ती का दावा किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर कथित रूप से उससे जुड़े लोगों की अनदेखी की जा रही है।

हालांकि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन आम लोगों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई हो पाएगी। खासकर तब, जब आरोपी के सत्ता से जुड़े होने की बातें सामने आ रही हैं। यह मामला एक बार फिर बिहार में शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता और उसके क्रियान्वयन पर बहस को हवा दे रहा है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण में कितनी पारदर्शिता और सख्ती दिखाता है, और क्या वाकई कानून सबके लिए बराबर लागू होता है या नहीं।