सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान सदन का तापमान उस वक्त बढ़ गया जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई। पालीगंज से भाकपा-माले विधायक संदीप सौरव ने सहकारिता विभाग के मंत्री पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सदन में जनहित के सवालों पर स्पष्ट जवाब देने के बजाय मंत्री उन्हें ‘धमकी’ भरे लहजे में चुप कराने की कोशिश कर रहे हैं।
पालीगंज में सहकारिता कार्यालय की मांग पर हंगामा
विधायक संदीप सौरव ने सदन में पालीगंज क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को उठाते हुए वहां सहकारिता विभाग का कार्यालय खोलने की मांग रखी थी। उन्होंने तर्क दिया कि स्थानीय कार्यालय न होने के कारण किसानों को खाद, बीज और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं।
जब विभाग के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने इस पर जवाब दिया, तो संदीप सौरव उससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री जी सीधा उत्तर देने के बजाय दबाव बनाने की राजनीति कर रहे हैं। विधायक ने सदन में कहा, “जनता ने हमें सवाल पूछने के लिए भेजा है, लेकिन यहाँ मंत्री जी जवाब देने के बजाय धमकी देते हैं।” इस टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया, जिससे सदन में कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।
बोधगया कॉरिडोर और सड़क निर्माण पर आश्वासन
सत्र के दौरान केवल विवाद ही नहीं, बल्कि विकास कार्यों पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने गया में भगवान बुद्ध मंदिर के पीछे की जर्जर सड़क का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल होने के बावजूद यहाँ की सड़कें बदहाल हैं, जिससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है।
इस पर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू होगा और इसे अगले छह महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को जानकारी दी कि केंद्र सरकार की योजना के तहत ‘बोधगया कॉरिडोर’ का निर्माण प्रस्तावित है, जो क्षेत्र में पर्यटन की तस्वीर बदल देगा।
बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही ने स्पष्ट कर दिया है कि विपक्ष जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहता। जहाँ एक ओर सड़क और कॉरिडोर जैसे बुनियादी ढांचे पर सरकार गंभीर दिखी, वहीं मंत्रियों के व्यवहार को लेकर संदीप सौरव के आरोपों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।