सिटी पोस्ट लाइव
नेता की ताकत का पैमाना क्या है? भीड़, यह सभी मानते हैं, लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे मानने से इंकार कर दिया है। हुआ यह कि हाल ही में आरजेडी के एक वरिष्ठ नेता जो बिहार विधान परिषद के सदस्य भी हैं और राष्ट्रीय जनता दल में जिनकी गहरी पैठ भी है, ने हाल ही में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। इसमें तेजस्वी यादव भी हिस्सा लेने गए थे। कार्यक्रम में जबरदस्त भीड़ जुटी थी. नेताजी को लग रहा था कि तेजस्वी यादव बहुत खुश होंगे। शाबाशी देंगे, लेकिन जैसे ही तेजस्वी यादव मंच पर बोलने आए, तो साफ़-साफ़ कह दिया कि इस बार भीड़ में फंसना नहीं है. अभी चुनाव है, लोग टिकट पाने के लिए भीड़ जुटा ही लेते हैं, लेकिन जब टिकट मिल जाता है, तो बाद में पार्टी की जगहंसाई करा देते हैं. यह सुनकर बिहार विधान परिषद के सदस्य का चेहरा उतर गया और उनके विरोधी खुश हो गए। चुनाव नज़दीक आ रहा है, आरजेडी में भी दूसरे दलों की तरह ही सीटों के लिए खूब मारामारी मची है। जोड़-तोड़ का खेल चल रहा है, लेकिन राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के युवराज तेजस्वी यादव ने साफ कर दिया है कि भीड़ जुटाकर टिकट लेने वाले नेताओं का इस बार पत्ता साफ कर दिया जाएगा. इसकी वजह यह है कि पिछली बार ऐसे ही नेताओं ने आरजेडी की नैया डुबो दी थी. आरजेडी इस बार टिकट बंटवारे में फूंक-फूंककर कदम रख रही है. सूत्रों के मुताबिक कई मौजूदा विधायकों का टिकट इस बार कट सकता है. 2020 में आरजेडी ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा और 75 सीटें जीतीं, इस बार तेजस्वी की नज़र सीएम की कुर्सी पर टिकी है. इस बार तेजस्वी यादव सर्वे और कई तरह के फ़ीडबैक के आधार पर उम्मीदवार चुन रहे हैं. तेजस्वी इसबार सिर्फ़ माई पर दांव नहीं लगाना चाहते, बल्कि MY-BAAP (मुस्लिम-यादव-बहुजन-आधी आबादी-पिछड़े) पर दांव लगाना चाहते हैं। आरजेडी को इस बार सबसे ज़्यादा टेंशन AIMIM दे रहा है. 2020 में AIMIM ने सीमांचल में पांच सीटें जीतीं थी, जिसने महागठबंधन को ही नुकसान पहुंचाया था. इस बार असदुद्दीन ओवैसी 50 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना बना रहे हैं, यह आरजेडी के लिए बड़ा खतरा है। इसीलिए इसबार भीड़ जुटाकर नेता आरजेडी का टिकट नहीं ले पाएंगे, कई नेताओं को इसका आभास हो गया है, इसलिए वे अभी से जनसुराज और दूसरी पार्टियों में कोशिश करने में जुट गए हैं।
तेजस्वी ने सबके सामने उतार दिया इस बड़े राजद नेता के चेहरे का रंग!