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भारतीय वायुसेना (IAF) आने वाले दशक में एक ऐसी अजेय शक्ति बनने की तैयारी कर रही है, जिससे न केवल पाकिस्तान बल्कि पड़ोसी देश चीन की चुनौतियों का भी करारा जवाब दिया जा सके। वर्तमान में भले ही वायुसेना विमानों की कमी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में देरी जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, लेकिन 2035 तक का रोडमैप भारत को ‘सुपर एयर पावर’ की श्रेणी में खड़ा करने वाला है।
150+ राफेल और रूसी Su-57 का घातक कॉम्बिनेशन
भारत की भविष्य की रणनीति में सबसे अहम हिस्सा अत्याधुनिक फाइटर जेट्स का बेड़ा है। भारत वर्तमान के 36 राफेल विमानों के अलावा 114 और राफेल जेट खरीदने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। करीब 3 लाख करोड़ रुपये की इस डील के बाद भारत के पास 150 से अधिक राफेल होंगे।

वहीं, रक्षा गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा रूस के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट सुखोई-57 (Su-57E) को लेकर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत 60 Su-57 जेट्स के लिए रूस के साथ हाथ मिला सकता है। खास बात यह है कि HAL के पास सुखोई-30 बनाने का अनुभव होने के कारण, इनका निर्माण भारत में ही ‘मेक इन इंडिया’ के तहत होने की प्रबल संभावना है।
स्वदेशी ताकत: तेजस और 5.5 जनरेशन AMCA
भारत अब विदेशी विमानों पर निर्भरता कम कर स्वदेशी विमानों पर जोर दे रहा है। अगले 10 वर्षों में वायुसेना के बेड़े में 210 से अधिक तेजस (Mk1A और Mk2) विमान शामिल होंगे। तेजस मार्क-2 को राफेल की श्रेणी का विमान माना जा रहा है, जिसका प्रोटोटाइप इसी साल उड़ान भर सकता है।

सबसे क्रांतिकारी प्रोजेक्ट AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह 5वीं पीढ़ी का विमान असल में 5.5 पीढ़ी का होगा, जिसमें आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा। यह चीन के J-35 और J-20 को तकनीक के मामले में पीछे छोड़ने की क्षमता रखता है।
आसमान में ‘सुदर्शन चक्र’ का सुरक्षा घेरा
हमले के साथ-साथ बचाव के लिए भारत एस-400 (S-400) मिसाइल डिफेंस सिस्टम की 10 यूनिट तैनात करने की योजना बना रहा है। 3 यूनिट पहले ही मिल चुकी हैं, और जल्द ही बाकी खेप भी बेड़े का हिस्सा बनेंगी। इसके साथ स्वदेशी ‘आकाश’ मिसाइल सिस्टम मिलकर भारत के आसमान को एक अभेद्य किले में तब्दील कर देंगे।

निष्कर्ष: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत का यह प्लान समय पर पूरा होता है, तो अगले चार से पांच दशकों तक एशिया के आसमान पर भारत की बादशाहत कायम रहेगी। चीन और पाकिस्तान की जुगलबंदी के बावजूद भारत की यह ‘फ्यूचर एयर फोर्स’ किसी भी खतरे को पल भर में नेस्तनाबूद करने में सक्षम होगी।