सिटी पोस्ट लाइव :बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को सीट बटवारे को लेकर बड़ा बयान दे दिया है. पटना में उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, यह सब कमोबेश तय है. जिसे भी सीटें मिलेंगी, उसे आवंटन से संतुष्ट होना होगा, इसमें विवाद का कोई सवाल ही नहीं है.मांझी ने कहा कि बिहार को एनडीए सरकार की जरूरत है, जिस तरह से विपक्षी दल झूठे बयान और गलत सूचनाएं फैला रहे हैं, उसे देखते हुए इसका मुकाबला करने का एकमात्र तरीका 2025 में एनडीए सरकार का गठन सुनिश्चित करना है.
उन्होंने साफ कहा है कि एनडीए में सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है. जिसे भी सीटें मिलेंगी, उसे उसी से संतुष्ट होना होगा. जीतन राम मांझी ने कहा, ‘यहां कोई टकराव नहीं है.सूत्रों के अनुसार पिछले चुनाव में जो सीट बटवारे का फार्मूला था इसबार भी वहीँ रहेगा.इसबार भिभी जीतन राम मांझी को उतनी ही सीटें मिलेगीं जीतनी पिछले चुनाव में मिली थी.उपेंद्र कुशवाहा को भी जीतन राम मांझी के बराबर सीटें मिल सकती हैं.चिराग पासवान को 22 से 25 सीटें मिल सकती हैं उन्हें साथ में एक विधान परिषद् और एक राज्य सभा की सीट मिल सकती है.सूत्रों के अनुसार इसबार जेडीयू से ज्यादा सीटें बीजेपी के हिस्से में आयेगीं लेकिन अपने हिस्से की सीट से बीजेपी मुकेश सहनी को 10 सीटें दे सकती है.mukesh सहनी को लेकर ही अभीतक सीट बटवारे का औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है.
जीतन राम मांझी ने मतदाता सूची को लेकर भी विपक्षी नेताओं पर हमला बोला. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के आरोपों का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि वे अपनी पोल खोल रहे हैं. तेजस्वी प्रसाद यादव दो EPIC कार्ड पेश कर रहे हैं, दूसरा कार्ड कहां से आया? इससे साफ ज़ाहिर होता है कि वे छल, कपट और चालाकी का सहारा ले रहे हैं. अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया होता, तो आज वे विपक्ष के नेता की कुर्सी पर नहीं होते, बल्कि वे इसके लायक भी नहीं होते.
गौरतलब है कि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से उनके पटना आवास 12 एम स्ट्रैंड रोड स्थित आवास पर मुलाकात की. इस अवसर पर बिहार सरकार के मंत्री और हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन भी मौजूद रहे. विधानसभा चुनाव पर चर्चा हुई. जीतन राम मांझी की सम्राट चौधरी से हुई मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी बिहार दौरे से पहले पटना में हुई है, जिसके लेकर कई कयास भी लगाए जा रहे हैं.