नीतीश ने 34 मोबाइल फॉरेंसिक लैब वाहनों को किया फ्लैग ऑफ, अब मिनटों में घटनास्थल पर पहुंचेगी टीम…

Ritu Raj

बिहार में अपराध नियंत्रण और फॉरेंसिक जांच की गति बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ी पहल की है। उन्होंने राज्यभर में 34 मोबाइल फॉरेंसिक लैब वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे अब अपराध स्थल पर मिनटों में टीम पहुंचकर जांच कर सकेगी। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा भी मौजूद रहे। ये वाहन राज्य के विभिन्न जिलों और विभागों में तैनात किए जाएंगे, ताकि अपराध के हर मामले में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

अब तक फॉरेंसिक टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए थानों की गाड़ियों या अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे घटनास्थल पर पहुंचने में काफी देरी होती थी और इसका असर जांच की गुणवत्ता पर भी पड़ता था। इस समस्या को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने अब मोबाइल फॉरेंसिक वैन का निर्माण और तैनाती की है। इन वाहनों में अत्याधुनिक फॉरेंसिक उपकरण लगे हैं, जिससे टीमें घटनास्थल पर तुरंत पहुंचकर मौके पर ही वैज्ञानिक जांच कर सकेंगी। वर्तमान में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर में क्षेत्रीय विधि-विज्ञान प्रयोगशालाएं संचालित हैं, लेकिन अब नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन शेष जिलों में भी भेजी जाएंगी। इससे सात साल या उससे अधिक सजा वाले गंभीर अपराध मामलों में घटनास्थल पर ही त्वरित एफएसएल जांच संभव होगी और अनुसंधान प्रक्रिया में तेजी आएगी।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

हालांकि, इस दौरान सीएम नीतीश ने कहा कि, “मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 के बाद से ही विधि व्यवस्था के संधारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कानून का राज स्थापित किया गया। इसके लिए कई काम किये गये। अपराध और भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी गयी। आपराधिक मामलों की जांच में तेजी लाने के लिए 34 नये मोबाईल फोरेंसिक वाहनों का लोकार्पण किया गया है। ये सभी वाहन आधुनिक जांच उपकरणों से युक्त हैं। इन वाहनों की मदद से अपराध के घटना स्थल पर पहुंचकर तत्काल जांच शुरू की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इसके पहले कोई अपराध होने पर घटना स्थल से साक्ष्य एकत्र कर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजना पड़ता था। इसमें काफी समय लगता था और विलम्ब होने के कारण पीड़ित परिवारों में असंतोष रहता था। अब मोबाईल टीम घटना स्थल पर ही जांच शुरू कर देगी जिससे काफी सुविधा होगी”।

Share This Article