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भोजपुरी सिनेमा के ‘पावर स्टार’ पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे निजी विवाद ने अब एक राजनीतिक मोड़ ले लिया है। खबर है कि ज्योति सिंह आज दोपहर 2 बजे पटना में जनसुराज संगठन की सदस्यता लेंगी। वह शेखपुरा हाउस स्थित जनसुराज के दफ्तर पहुंचेंगी। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब कुछ ही दिन पहले लखनऊ में पवन सिंह के फ्लैट पर दोनों के बीच तीखी बहस और हंगामा हुआ था।
करवा चौथ पर नाम साथ, राजनीति में अलगाव
राजनीति में कदम रखने की तैयारी के बावजूद, ज्योति सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर करवा चौथ की बधाई देते हुए एक पोस्टर पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने पति पवन सिंह का नाम भी लिखा है। यह विरोधाभास इस पूरे मामले को और भी दिलचस्प बना रहा है, जहां एक ओर वह रिश्ते को सार्वजनिक रूप से मानती दिख रही हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक रूप से अलग राह चुन रही हैं।
लखनऊ में डेढ़ घंटे का बवाल: रोते हुए मांगी न्याय की गुहार
विवाद की शुरुआत 5 अक्टूबर को हुई, जब ज्योति सिंह अपने पति पवन सिंह से मिलने उनके लखनऊ वाले फ्लैट पर पहुंचीं। दोनों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई, जिसके बाद पवन सिंह तो वहां से चले गए, लेकिन ज्योति वहीं रुकी रहीं। बाद में जब पुलिस वहां पहुंची, तो हंगामा हुआ। ज्योति सिंह ने वहीं से एक भावनात्मक वीडियो जारी किया, जिसमें वह फूट-फूट कर रोती हुई दिखीं।
वीडियो में ज्योति ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “मैं आ चुकी हूं लखनऊ में पवन सिंह के घर पर। पवन जी ने हमारे लिए पुलिस थाने में FIR की है और मुझे लेने के लिए पुलिस आई है। मैं इतना परेशान हो चुकी हूं कि ज़हर खाकर मर जाऊंगी। अब इस घर से मेरी लाश ही निकलेगी।” उन्होंने जनता से गुहार लगाते हुए पूछा कि उन्होंने ही उन्हें यहां आने को कहा था, अब जनता ही बताए कि उन्हें न्याय कैसे मिलेगा।
ज्योति सिंह के गंभीर आरोप: ‘चुनाव में इस्तेमाल किया’
5 अक्टूबर को हुए इस हंगामे के दौरान, ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर दो नए और बड़े आरोप लगाए:
चुनाव में दूसरी महिला के साथ: ज्योति ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने लोकसभा चुनाव में पवन सिंह की मदद की और प्रचार किया, तो उसी समय वह दूसरी महिला के साथ होटल में जाते थे। उन्होंने कहा, “इसे कोई भी शरीफ महिला बर्दाश्त नहीं करेगी। इसलिए मैं वहां से चली गई। पवन सिंह ने मुझे चुनाव के समय केवल इस्तेमाल किया।”
उत्पीड़न और नज़रबंद करने का आरोप: ज्योति ने यह भी आरोप लगाया कि पति के घर आने पर उन्हें ‘डिटेन’ (नज़रबंद) किया जा रहा है और ‘प्रताड़ित’ किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया, “जो अपनी पत्नी के साथ न्याय नहीं कर सकता, वह समाज के साथ क्या न्याय करेगा?”
पवन सिंह का पलटवार: ‘विधायक बनने के लिए नाटक’
इस पूरे विवाद पर पवन सिंह ने 6 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट किया और 8 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। पवन सिंह ने ज्योति सिंह के मकसद पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि उनकी पत्नी चुनाव लड़ने का दबाव बना रही हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन सिंह ने कहा, “ये अपनापन चुनाव से 6 या 4 महीने पहले क्यों नहीं दिखा। ये चुनाव से 1 महीने पहले ही क्यों दिखा। विधायक बनने के लिए आप कितना गिर सकती हो।” उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए मौजूद थी, न कि उन्हें बुलाने पर। उन्होंने जोर देकर कहा कि “फैमिली की जो भी बात होती है कमरे में होती है, कैमरे पर नहीं।”
अब ज्योति सिंह का जनसुराज जॉइन करना इस निजी कलह को राजनीतिक रंग दे रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी यह राजनीतिक पारी उनके विवाद और आगामी बिहार चुनावों को किस तरह प्रभावित करती है।