PM मोदी का तीन देशों का ऐतिहासिक दौरा शुरू: जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान के साथ रिश्तों को मिलेगी नई ऊर्जा

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की तीन देशों की यात्रा पर रवाना हो गए। यह दौरा भारत की ‘लुक वेस्ट’ और ‘एक्ट अफ्रीका’ नीतियों के तहत कूटनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्थान से पहले अपने वक्तव्य में प्रधानमंत्री ने इस यात्रा को “ऐतिहासिक” करार दिया, जिसका मुख्य लक्ष्य पश्चिम एशिया और अफ्रीका में भारत के रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

जॉर्डन: राजनयिक संबंधों के 75 गौरवशाली वर्ष
अपनी यात्रा के पहले पड़ाव में पीएम मोदी जॉर्डन के हाशमाइट साम्राज्य पहुंचेंगे। किंग अब्दुल्ला द्वितीय के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। प्रधानमंत्री यहाँ किंग अब्दुल्ला द्वितीय और प्रधानमंत्री जाफर हसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा होने की संभावना है।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

इथियोपिया: ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज होगी बुलंद
यात्रा का दूसरा चरण बेहद खास है, क्योंकि पीएम मोदी पहली बार इथियोपिया गणराज्य का दौरा कर रहे हैं। गौरतलब है कि अदीस अबाबा अफ्रीकी संघ का मुख्यालय है। भारत की पहल पर ही 2023 में अफ्रीकी संघ को G20 का स्थायी सदस्य बनाया गया था। पीएम मोदी इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे, जहाँ वे ‘लोकतंत्र की जननी’ के रूप में भारत के अनुभवों को साझा करेंगे। वे प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली के साथ वार्ता करेंगे और भारतीय समुदाय के लोगों से भी संवाद करेंगे।

ओमान: 70 वर्षों की सामरिक साझेदारी को मिलेगी धार
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री ओमान पहुंचेंगे। भारत और ओमान के बीच राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे हो रहे हैं। मस्कट में सुल्तान के साथ होने वाली बैठक का मुख्य एजेंडा रक्षा, सुरक्षा और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करना है। ओमान में रह रहे विशाल भारतीय डायस्पोरा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी उनके योगदान की सराहना करेंगे। ओमान भारत का एक महत्वपूर्ण सामरिक साझेदार है, जो समुद्री सुरक्षा की दृष्टि से बेहद अहम है।

Share This Article