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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पटना में अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के लिए एक 10-सूत्रीय आरक्षण कार्यक्रम का ऐलान किया। राहुल ने कहा कि अगर महागठबंधन सत्ता में आता है तो इसे तुरंत लागू किया जाएगा। यह घोषणा कांग्रेस और राजद की चुनावी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है, क्योंकि राहुल गांधी 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले से ही इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा, “अपनी 15 दिवसीय ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान हम बिहार के विभिन्न जिलों में गए और युवाओं को बताया कि संविधान पर हमला हो रहा है। न सिर्फ बिहार में, बल्कि पूरे देश में नागरिकों के अधिकार छीने जा रहे हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, “मैंने संसद में पीएम मोदी के सामने दो बातें कही थीं: पहली, पूरे देश में जाति आधारित जनगणना होगी; दूसरी, हम 50% की आरक्षण दीवार को तोड़ेंगे।”
कांग्रेस के 10-सूत्रीय कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु:
- अति पिछड़ा वर्ग अत्याचार निवारण अधिनियम: अनुसूचित जाति और जनजाति (SC/ST) के लिए बने कानूनों की तर्ज पर EBCs के लिए एक विशेष अधिनियम बनाया जाएगा।
- निजी शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण: संविधान के अनुच्छेद 15(5) के तहत राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थानों में EBCs, SC, ST और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण लागू किया जाएगा।
- स्थानीय निकायों में आरक्षण में वृद्धि: पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में EBCs के लिए मौजूदा 20% आरक्षण को बढ़ाकर 30% किया जाएगा।
- 50% आरक्षण की सीमा तोड़ना: आबादी के अनुपात में आरक्षण को बढ़ाने के लिए एक कानून पारित किया जाएगा और इसे संवैधानिक सुरक्षा के लिए संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
- ‘उपयुक्त नहीं’ को अवैध घोषित करना: सरकारी नियुक्तियों में ‘उपयुक्त नहीं पाया गया’ (Not Found Suitable) की अवधारणा को अवैध घोषित किया जाएगा ताकि आरक्षित पदों को भरा जा सके।
- पदों का बैकलॉग भरना: SC, ST, EBC और BC समुदायों के लिए खाली पड़े बैकलॉग पदों को विशेष अभियान चलाकर भरा जाएगा।
- जाति सूची का समाधान: अति पिछड़ा वर्ग की सूची में किसी भी तरह के बदलाव को केवल विधानसभा की अनुमति से ही किया जा सकेगा।
- भूमिहीन परिवारों को जमीन: EBC, SC, ST और BC श्रेणियों के भूमिहीन व्यक्तियों को शहरी क्षेत्रों में तीन डिसमिल और ग्रामीण क्षेत्रों में पाँच डिसमिल आवासीय भूमि दी जाएगी।
- निजी स्कूलों में आधी सीटें आरक्षित: शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2010 के तहत निजी स्कूलों की आधी सीटों को EBC, SC, ST और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षित किया जाएगा।
- सरकारी ठेकों में आरक्षण: 25 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेकों में इन समुदायों के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा।
कांग्रेस के इस कदम को बिहार में सामाजिक न्याय की राजनीति को फिर से हवा देने और पिछड़े वर्ग के वोटों को एकजुट करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।