RJD विधायक भाई वीरेंद्र और ‘दारोगा जी’ में तीखी बहस: बूथ पर हंगामा, सुरक्षाकर्मियों पर पक्षपात का आरोप

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग के बीच पटना ज़िले के मनेर विधानसभा क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। यहां से आरजेडी के वर्तमान विधायक और प्रत्याशी भाई वीरेंद्र मतदान केंद्र पर सुरक्षाकर्मियों से सीधे उलझ गए और जमकर हंगामा किया। बूथ संख्या 79 पर हुई इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आक्रोशित विधायक एक सुरक्षाकर्मी को नाम लेकर फटकार लगाते दिख रहे हैं।

“ऐ तिवारी! तुमको चेक करने का अधिकार कौन दिया रे…”
विवाद उस समय शुरू हुआ जब भाई वीरेंद्र अपनी पत्नी के साथ वोट डालने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर एक विशेष राजनीतिक दल के पक्ष में काम करने और मतदाताओं को डराने-धमकाने का गंभीर आरोप लगाया।

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वीडियो में भाई वीरेंद्र एक पुलिस अधिकारी (दारोगा) को इशारा करते हुए कह रहे हैं, “ऐ तिवारी! तुमको चेक करने का अधिकार कौन दिया रे…। सुरक्षाकर्मियों को इस तरह चेक करने का कोई अधिकार नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मी मतदाताओं को वोट डालने से रोक रहे हैं और अनावश्यक जांच करके उन्हें परेशान कर रहे हैं।

भाई वीरेंद्र के गंभीर आरोप
आरजेडी प्रत्याशी ने दावा किया कि जहां चार बूथ हैं, वहां केवल एक लाइन लगाई जा रही है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने इसे साफ तौर पर पक्षपात का माहौल बताया। विधायक ने आरोप लगाया कि यह सब विपक्ष के इशारे पर हो रहा है, जिसका मकसद आरजेडी समर्थक मतदाताओं को भयभीत करना है ताकि वे बिना वोट डाले वापस लौट जाएं। उन्होंने बयान दिया कि यह मामला बेहद गंभीर है और वह इसे लेकर चुनाव आयोग से आधिकारिक शिकायत दर्ज कराएंगे।

प्रशासन ने आरोपों को बताया ‘बेबुनियाद’
विवाद की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की एक टीम तुरंत बूथ संख्या 79 पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति को संभाला और मतदान प्रक्रिया को फिर से सुचारू किया। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए एहतियात के तौर पर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई।

प्रशासनिक अधिकारियों ने आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र के सभी आरोपों को बेबुनियाद करार दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया, “मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से चल रहा है। प्रत्येक बूथ पर पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद हैं और वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने निर्देशों के तहत ही काम कर रहे हैं। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने नहीं दी जाएगी।” उन्होंने कहा कि मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सुरक्षाकर्मियों का दायित्व है।

मनेर सीट का राजनीतिक महत्व
मनेर विधानसभा सीट पटना जिले की सबसे महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल सीटों में से एक है। यहां का चुनावी मुकाबला हमेशा से कड़ा रहा है, जहां बाहुबली राजनीति और जातीय समीकरण परिणाम को प्रभावित करते रहे हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में भी भाई वीरेंद्र ने भाजपा उम्मीदवार निखिल आनंद को लगभग 33 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराया था। यही वजह है कि इस बार भी एनडीए और आरजेडी दोनों इस सीट को जीतकर अपनी राजनीतिक साख मजबूत करना चाहते हैं।

बयानबाज़ी तेज, मतदाताओं में उत्साह
इस हंगामे के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में बयानबाज़ी तेज हो गई है। आरजेडी समर्थक जहां सुरक्षाकर्मियों की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसे चुनाव को प्रभावित करने की ‘राजनीतिक नौटंकी’ बता रहे हैं। इन सबके बावजूद, पहले चरण की वोटिंग के दौरान सुबह से ही मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मनेर के कई बूथों पर महिलाएँ, युवा और बुजुर्ग कतारों में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करते नजर आए।

आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र द्वारा लगाए गए इन आरोपों ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। अब यह देखना होगा कि चुनाव आयोग इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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