T20 WC 2026: मेजबानी से किसकी चमकी किस्मत? श्रीलंका क्रिकेट और BCCI के मुनाफे का पूरा हिसाब-किताब यहाँ देखें…

Ritu Raj

आज टी20 विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड की भिड़ंत होने वाली है। मैदान पर जहां फाइनल के टिकट के लिए जंग जारी है, वहीं मैदान के बाहर एक अलग चर्चा जोरों पर है: सह-मेजबान भारत और श्रीलंका में से किसे इस टूर्नामेंट से ज्यादा कमाई हो रही है? भले ही दोनों देश मिलकर इस बड़े आयोजन को होस्ट कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक आंकड़ों के मामले में जमीन-आसमान का अंतर है। आइए समझते हैं कि बीसीसीआई (BCCI) और श्रीलंका क्रिकेट (SLC) के मुनाफे की हकीकत क्या है।

कमाई के मुख्य स्रोत (Direct Revenue);
किसी भी आईसीसी (ICC) इवेंट में कमाई के तीन मुख्य स्तंभ होते हैं: ब्रॉडकास्टिंग राइट्स, टिकट बिक्री और स्पॉन्सरशिप। भारत के पास अहमदाबाद और कोलकाता जैसे विशाल स्टेडियम हैं, जहां एक साथ लाखों दर्शक मैच देख सकते हैं। इसके मुकाबले श्रीलंका के मैदानों की क्षमता सीमित है। ज्यादा दर्शकों का सीधा मतलब है टिकटों से बंपर कमाई, जिसमें भारत श्रीलंका से बहुत आगे है। वहीं, आईसीसी के रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के तहत बीसीसीआई को पहले ही बड़ा हिस्सा मिलता है। हाई-वोल्टेज मैचों और फाइनल की मेजबानी भारत के पास होने के कारण विज्ञापनों का सबसे मलाईदार हिस्सा बीसीसीआई के खाते में जा रहा है।

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पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था (Indirect Revenue);
वर्ल्ड कप सिर्फ क्रिकेट बोर्ड के लिए ही नहीं, बल्कि मेजबान देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी ‘बूस्टर डोज’ होता है। भारत के बड़े शहरों में मैचों के दौरान होटल बुकिंग 100% तक पहुंच गई है और विमान किरायों में भारी उछाल देखा गया है। वहीं, श्रीलंका के मुकाबले भारत का भौगोलिक विस्तार बड़ा है, जिससे पर्यटन, टैक्सी सेवाओं और रिटेल मार्केट में होने वाला कैश फ्लो (सर्कुलेशन) अरबों में है। श्रीलंका में यह असर कुछ चुनिंदा शहरों तक ही सीमित है।

निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर का खेल;
मेजबानी के लिए श्रीलंका ने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा पर भारी निवेश किया है। हालांकि यह निवेश भविष्य के लिए अच्छा है, लेकिन तत्काल मुनाफे (ROI) के मामले में भारत बाजी मार ले गया है। बता दें, भारत के पास फाइनल जैसे सबसे बड़े मैचों की मेजबानी है। यही कारण है कि ग्लोबल ब्रांड्स और स्पॉन्सर्स का निवेश श्रीलंका के मुकाबले भारत में कई गुना अधिक है।

कौन है आर्थिक विजेता?
साफ है कि श्रीलंका के लिए यह टूर्नामेंट अपनी साख और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने का जरिया है, वहीं बीसीसीआई के लिए यह शुद्ध आर्थिक मुनाफे का एक पावरहाउस है। रिपोर्टों के अनुसार, श्रीलंका की मेजबानी भले ही सफल रहे, लेकिन कमाई के मामले में भारत उससे कोसों आगे निकल चुका है।

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