भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने रविवार को विपक्ष के नेताओं, खासकर तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव अब विकास की बात नहीं करते, बल्कि “घर में बैठे-बैठे चुत्तर पर ताल बजाने” वाले भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

जायसवाल ने कहा, “पूरा बिहार की जनता अब चुत्तर पर ताल बजाने वाला जो भाषा होता है न? गाँव में हम लोग बोलते हैं। तो वही हाल हो गया है विपक्ष के नेता का। उनको ये चिंता नहीं है कि कहाँ गंगा पर पुल बने, कहाँ कोसी, महानंदा, गंडक पर पुल बने। किस गाँव में रोड की आवश्यकता है, कहाँ पानी की, कहाँ घर-आवास की आवश्यकता है। बिहार के विकास पर अब वो एक शब्द भी नहीं बोलते। किसी ने उनके दिमाग में कुछ घुसा दिया है, मेनिया हो जाता है तो रह-रह कर वही सपना याद आता है।” इस दौरान पत्रकार ने जब पूछा कि आज भाजपा का स्थापना दिवस है, तो दिलीप जायसवाल ने कहा कि पार्टी 47वाँ स्थापना दिवस मना रही है। उन्होंने बताया कि जनसंघ काल से लेकर अब तक भाजपा पूरे देश में भगवा लहराने का काम कर रही है। “आज आप देख रहे हैं कि किस तरह सज-धज कर भाजपा कार्यालय और पूरे बिहार के जिला, मंडल, बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता झंडोत्तोलन कर रहे हैं। दो दिन का कार्यक्रम बूथ स्तर तक, गाँव जाने का हमारा कार्यक्रम है।”

नीतीश कुमार पर फिर दोहराया समर्थन;
विपक्ष के “नीतीश कुमार को मजबूर करने” वाले आरोपों पर जायसवाल ने साफ कहा, “नीतीश कुमार हमारे सर्वमान्य नेता हैं। उनके नेतृत्व में बिहार 2025 से 2030 तक चलेगा और आगे भी उन्हीं के नेतृत्व में चलेगा। वो हमारे अभिभावक हैं, उनके दिशा-निर्देश पर ही बिहार चलेगा।”

कांग्रेस पर तंज, गाय-भैंस योजना का बचाव;
तेजस्वी यादव की “हर व्यक्ति को एक गाय और एक भैंस देने” वाली घोषणा पर कांग्रेस द्वारा चुटकी लेने का जिक्र करते हुए जायसवाल ने कहा, “कांग्रेस को क्या समझाएंगे? राहुल गांधी अभी तक अबोध गाय बने हुए हैं और अबोध बालक की तरह राजनीति कर रहे हैं। कांग्रेस को ज्यादा समझाना नहीं है।”
अपराध पर सवाल का जवाब देते हुए हंसी;
जब पत्रकार ने तेजस्वी यादव के “बिहार में अपराध चरम सीमा पर है” वाले बयान का जिक्र किया, तो दिलीप जायसवाल हंसते हुए बोले, “किधर है चरम? कहाँ है सीमा? बताइए। चरम को दिखाइए और सीमा को दिखाइए।” इसके बाद वे हंसते हुए वहां से चले गए। यह बयान बिहार की सियासी सरगर्मी को और तेज करने वाला माना जा रहा है, खासकर 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले।