तेजस्वी यादव ने जाति जनगणना की जोरदार वकालत की, इसे सामाजिक न्याय के लिए जरूरी बताया

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
पटना : बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने जाति आधारित गणना को लेकर राज्य सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण बयान दिए हैं। उन्होंने इसे केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया है।​

तेजस्वी यादव का जाति आधारित गणना पर रुख

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जाति आधारित गणना की आवश्यकता: तेजस्वी यादव ने कहा कि जाति आधारित गणना से सरकार को विभिन्न जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सही आंकड़ा मिलेगा, जिससे कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा। ​

राज्य सरकार की पहल: उन्होंने केंद्र सरकार से जाति आधारित गणना कराने की मांग की, और यदि केंद्र सरकार इस दिशा में कदम नहीं उठाती है, तो राज्य सरकार अपने संसाधनों से यह गणना कराने की योजना बना सकती है। ​

केंद्र सरकार की आलोचना: तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह जाति आधारित गणना से बचने के लिए विभिन्न बहाने बना रही है, जबकि यह कदम सामाजिक न्याय की दिशा में जरूरी है। ​

विपक्षी दलों से समर्थन की अपील: उन्होंने अन्य गैर-भा.ज.पा. दलों से भी इस मुद्दे पर समर्थन की अपील की, ताकि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए न्याय सुनिश्चित किया जा सके। ​

तेजस्वी यादव का यह रुख जाति आधारित गणना को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, और यह सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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