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तेलुगु सिनेमा के सुपरस्टार घट्टमनेनी महेश बाबू को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक हाई-प्रोफाइल मामले में समन भेजा है। यह मामला हैदराबाद स्थित दो प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों — साई सूर्या डेवेलपर्स और सुराना ग्रुप — से जुड़ा हुआ है। पीटीआई के अनुसार, महेश बाबू को 22 अप्रैल को यानी रविवार के दिन पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है।
जानकारी के मुताबिक, महेश बाबू ने सुराना ग्रुप के विज्ञापनों में हिस्सा लिया था, जिसके लिए उन्हें 5.5 करोड़ रुपये की राशि दी गई थी। वहीं, साई सूर्या डेवेलपर्स ने प्रचार कार्यों के लिए उन्हें कुल 5.9 करोड़ रुपये भुगतान किए — जिसमें 2.5 करोड़ नकद और 3.4 करोड़ रुपये चेक के माध्यम से दिए गए।
ईडी अब यह जांच करेगी कि महेश बाबू को किया गया भुगतान वैध था या इसमें किसी तरह की अनियमितता हुई है।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सुराना ग्रुप से जुड़ी अन्य कंपनियों जैसे साई सूर्या डेवेलपर्स और भाग्यनगर प्रॉपर्टीज पर छापेमारी की थी। इस दौरान एजेंसी को 100 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं और 74.5 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई है।
ईडी को महत्वपूर्ण सबूत सुराना ग्रुप के चेयरमैन नरेंद्र सुराना और प्रबंध निदेशक देवेंद्र सुराना के हैदराबाद के जुबली हिल्स और बोवेनपल्ली स्थित आवासों से मिले हैं। इसके अलावा साई सूर्या डेवेलपर्स के दफ्तरों से भी कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए महेश बाबू से पूछताछ करेगा ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि उन्हें किया गया भुगतान मनी लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया का हिस्सा था या नहीं।