बिहार चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन के भीतर दरारें दिख रही हैं। सीट शेयरिंग को लेकर उठे विवाद ने अब खुली जंग का रूप ले लिया है। हालात ये हैं कि महागठबंधन की 9 सीटों पर सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं। वहीं, सबसे बड़ा झटका कांग्रेस को तब लगा जब आरजेडी ने उसके प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की सीट पर ही उम्मीदवार उतारने का फैसला कर लिया। बताया जा रहा है कि पार्टी यहां से पूर्व मंत्री सुरेश पासवान को मैदान में उतार सकती है, जो 20 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी 20 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने की तैयारी में जुट गए हैं। वे लगातार कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे हैं और रणनीति तय कर रहे हैं। राजेश राम का कहना है कि चुनाव में कोई दोस्ताना मुकाबला नहीं होता, मैदान में सीधी लड़ाई होती है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी स्थिति आती है तो मुकाबला करने के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं। फिलहाल महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन उनका दावा है कि कुछ ही घंटों में तस्वीर साफ हो जाएगी। हालांकि, इस बीच, राजेश राम ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा— “दलित दबेगा नहीं, झुकेगा नहीं, अब इंकलाब होगा। जय बापू, जय भीम, जय संविधान, जय कांग्रेस।”
राजेश राम ने कहा कि महागठबंधन में कई सीटों पर क्रॉस डिमांड है, लेकिन सीट शेयरिंग को लेकर स्थिति जल्द साफ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि गठबंधन में सभी निर्णय लेने का अधिकार को-ऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष तेजस्वी यादव के पास है, और अब गेंद उनके पाले में है। आगे कहा कि वे जो भी फैसला लेंगे, कांग्रेस पूरी तरह उसे मानने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा कि पूरी प्रक्रिया एक साथ चल रही है, हालांकि सीट शेयरिंग पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगी है। इंडिया गठबंधन का नेतृत्व उनके हाथों में हैं और सभी अहम मुद्दों पर वहीं निर्णय लेंगे। उनके फैसले के बाद ही आगे की रणनीति तय होगी।