सिटी पोस्ट लाइव
भोजपुरी के ‘पावर स्टार’ पवन सिंह और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच का रिश्ता हमेशा से सुर्खियों में रहा है। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बगावत करने वाले पवन सिंह ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में वापसी की थी। उनकी इस घर वापसी के पीछे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ हुई एक गुप्त मुलाकात को मुख्य वजह माना जाता है। अब पवन सिंह ने पहली बार उस सीक्रेट मुलाकात की सच्चाई से पर्दा उठाया है।
साहब जी ने कहा था- जाओ मेहनत करो!
हाल ही में एक यूट्यूब चैनल को दिए साक्षात्कार में पवन सिंह ने स्वीकार किया कि अमित शाह के साथ उनकी मुलाकात हुई थी। मुलाकात के विवरण का खुलासा करते हुए पवन सिंह ने बताया, “साहब जी (अमित शाह) से जब मेरी मुलाकात हुई, तो उन्होंने बेहद सादगी से कहा— पवन जाओ मेहनत करो और जनता की सेवा करो।” पवन सिंह ने आगे कहा कि वे अमित शाह के आदेश का हमेशा पालन करेंगे और अपनी पूरी क्षमता से समाज की सेवा में जुटे रहेंगे।
कलाकारों को आगे बढ़ाने का संकल्प
राजनीतिक चर्चा के बीच पवन सिंह ने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के भविष्य पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के नाते वे हमेशा नए बच्चों को मंच देने की कोशिश करते हैं। पवन का मानना है कि जब इंडस्ट्री में 10 की जगह 100 हीरो होंगे, तभी भोजपुरी भाषा और सिनेमा का विस्तार होगा।
लोकसभा की बगावत से ‘पाँव छूने’ तक का सफर
बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी ने पवन सिंह को पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने वहां से लड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने बिहार की काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़कर सबको चौंका दिया था। उस वक्त माना गया था कि पवन की वजह से एनडीए उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा को हार का सामना करना पड़ा और इसका असर आरा व बक्सर सीटों पर भी पड़ा।
हालांकि, 2025 विधानसभा चुनाव से पहले अमित शाह से मुलाकात के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। पवन सिंह न केवल बीजेपी में लौटे, बल्कि उन्होंने दिल्ली में उपेंद्र कुशवाहा के पैर छूकर यह संदेश दिया कि अब ‘पुरानी कड़वाहट’ खत्म हो चुकी है। अब वे आगामी रणनीतियों के तहत बीजेपी के लिए जमीन पर काम कर रहे हैं।