Y+ सुरक्षा और अब विधायक दल की कमान! नीतीश के सबसे करीबी श्रवण कुमार को क्यों मिली इतनी बड़ी जिम्मेदारी? अंदर की पूरी कहानी…

Ritu Raj

बिहार की राजनीति में एक बड़ा सांगठनिक बदलाव हुआ है। नालंदा से विधायक और पूर्व मंत्री श्रवण कुमार को जनता दल यूनाइटेड (JDU) विधायक दल का नया नेता चुन लिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति के बाद विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना (Notification) भी जारी कर दी है।

श्रवण कुमार को मिली नई जिम्मेदारी;
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद विधायक दल के नेता का पद रिक्त था। रविवार को सीएम आवास पर हुई जेडीयू विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक में श्रवण कुमार के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और अनुभव को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व ने यह फैसला लिया है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ाकर Y+ श्रेणी की कर दी है।

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नीतीश कुमार का मिशन 2030;
लगभग 90 मिनट तक चली इस बैठक में नीतीश कुमार ने विधायकों को रिचार्ज किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि वे राजनीति में पूरी तरह सक्रिय रहेंगे।नीतीश कुमार ने 2030 के विधानसभा चुनावों के लिए 200 सीटें जीतने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा, “मैं पूरे बिहार का दौरा करूँगा। आप लोग निश्चिंत रहें, सब अच्छा होगा। मैं पहले की तरह ही सक्रिय रहकर काम करता रहूँगा।” बाहुबली नेता अनंत सिंह ने बैठक के बाद बताया कि नीतीश कुमार ने सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर जनता के बीच काम करने का निर्देश दिया है।

निशांत कुमार की जेडीयू कार्यालय में उपस्थिति;
इस सियासी हलचल के बीच नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का जेडीयू कार्यालय पहुंचना चर्चा का विषय बना रहा। निशांत ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और श्रवण कुमार को बधाई देते हुए कहा, “यह एक अच्छा फैसला है।” हालांकि, बैठक के भीतर निशांत की भविष्य की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई।

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