सिटी पोस्ट लाइव: जहानाबाद जिले के परसबिगहा थाना क्षेत्र के तुरकौल गांव में लघु सिंचाई विभाग की महिला जूनियर इंजीनियर (JE) पल्लवी कुमारी के साथ छेड़छाड़ और मोबाइल छिनतई की घटना सामने आने के बाद मामला गरमा गया है। घटना के बाद जब पुलिस टीम गांव में छापेमारी करने पहुंची, तो उसे स्थानीय विरोध का सामना करना पड़ा।
इस दौरान झारखंड पुलिस में पदस्थापित जवान नरेंद्र सिंह, जो आरोपी के पड़ोसी हैं, ने पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने और हाथापाई करने की कोशिश की। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नरेंद्र सिंह को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
घटना के मुख्य आरोपी गौरी शंकर सिंह (पिता अनिल सिंह) फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
SP ने पथराव की खबरों को किया खंडन
28 मई को कुछ मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह खबर वायरल हुई कि पुलिस टीम पर पथराव हुआ है। इस पर जहानाबाद के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने प्रेस वार्ता कर स्पष्ट किया कि “पथराव जैसी कोई घटना नहीं हुई है।” उन्होंने बताया कि पुलिस पर हल्की धक्का-मुक्की जरूर हुई, जिसमें कुछ जवानों को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन पथराव की बात भ्रामक और अतिशयोक्तिपूर्ण है।
उन्होंने मीडिया से अपील की कि संवेदनशील मामलों में खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यात्मक पुष्टि अवश्य करें, ताकि अफवाह और भ्रम की स्थिति से बचा जा सके।
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर फिर उठा सवाल
यह घटना एक बार फिर फील्ड ड्यूटी पर तैनात महिला सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पल्लवी कुमारी सरकारी काम से गांव गई थीं, लेकिन उन्हें न केवल बदसलूकी का सामना करना पड़ा, बल्कि उनका मोबाइल भी छीन लिया गया।
पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस मामले ने प्रशासन और सरकार के लिए यह सोचने को मजबूर कर दिया है कि महिला कर्मियों की सुरक्षा के लिए और क्या कदम उठाए जा सकते हैं।