झारखण्ड में अभी भी छिपे हैं 80 नक्सली, एंटी-नक्सल ऑपरेशन की चल रही तैयारी.

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव:  झारखण्ड के चाईबासा का छोटानागरा थाना क्षेत्र  नक्सलियों का आज भी सेंटर प्वाइंट बना हुआ है. यहां के समता इलाके में नक्सलियों का मुख्य जत्था मौजूद है. इनमें एक-एक करोड़ के इनामी माओवादी पोलित ब्यूरो मेंबर मिसिर बेसरा, केंद्रीय कमेटी मेंबर अनल उर्फ पतिराम मांझी व असीम मंडल उर्फ आकाश सहित करीब 80 नक्सली हैं. इस क्षेत्र को नक्सल मुक्त करने के लिए झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने मार्च 2025 तक का टाइमलाइन रखा है. इसी के मद्देनजर ऑपरेशन को तेज किया गया है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूरे देश को मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य रखा है. जिले को नक्सल मुक्त करने के लिए वर्ष 2022 से लगातार अभियान चल रहा है. इस दौरान ग्रामीणों के साथ-साथ सुरक्षा बलों को भी नुकसान पहुंचा है. जबकि कई नक्सली भी मारे गये हैं. झारखण्ड के डीजीपी दो बार और सीआरपीएफ के डीजी एक बार चाईबासा का दौरा कर चुके हैं. पहले नक्सली सुरक्षा बलों के वाहन को उड़ाने के लिए बड़ा आइइडी लगाते थे. लेकिन जब से सुरक्षा बलों ने पैदल ही अभियान चलाना शुरू किया है, तब से नक्सलियों ने भी अपनी रणनीति बदल दी है. अब नक्सली सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए जगह-जगह छोटा-छोटा आइइडी लगाये हुए हैं. इसलिए जवानों को आगे बढ़ने से पहले जांच कर आइइडी की नष्ट करना पड़ता है.

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चाईबासा को नक्सल मुक्त करने के लिए बड़ी तादाद में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. इनमें सीआरपीएफ की 30 कंपनी, कोबरा बटालियन की पांच कंपनी, एसटीएफ की 20 कंपनी के अलावा जिला बल के जवान लगाये गये हैं. वहीं नक्सल इलाके के अंदरूनी क्षेत्र में बनाये गये पुलिस पिकेट पर झारखंड सशस्त्र पुलिस व सैप के जवानों को तैनात किया गया है. ताकि नक्सलियों से खाली कराये गये इलाके में फिर से नक्सली सक्रिय नहीं हो पायें.

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